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Work Hour: 100 साल पहले भी सप्ताह में सिर्फ 55 घंटे काम करते थे लोग, जानें आज कहां करना होता है सबसे कम काम

सार

1914 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लोग एक सप्ताह में औसतन 55 घंटे ही काम करते थे। हालांकि, सैन्य उपकरणों की मांग को पूरा करने के लिए कुछ श्रमिक पूरे सप्ताह के दौरान 72 घंटे और उससे ज्यादा समय तक काम करते थे।
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Long Hour Work Row - फोटो : freepik
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विस्तार
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इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन नारायणमूर्ति के बाद लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) के चेयरमैन एमएन सुब्रह्यमण्यन के ‘एक सप्ताह में 90 घंटे काम करने’ के बयान ने देश में नई बहस छेड़ दी है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आज से करीब 100 साल पहले भी लोग इतना काम नहीं करते थे, जब मनुष्य की औसत जीवन अवधि 21 से 37 साल के बीच होती थी।
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एवरऑवर डॉट कॉम नामक वेबसाइट के मुताबिक, 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लोग एक सप्ताह में औसतन 55 घंटे ही काम करते थे। हालांकि, सैन्य उपकरणों की मांग को पूरा करने के लिए कुछ श्रमिक पूरे सप्ताह के दौरान 72 घंटे और उससे ज्यादा समय तक काम करते थे। काम के अधिक घंटों के कारण उनकी उत्पादकता में गिरावट आती गई। आंकड़े भी बताते हैं कि कोई व्यक्ति अगर सप्ताह में 40 घंटे काम करता है, तो उसकी उत्पादकता उच्चतम स्तर पर होती है। इससे अधिक घंटे काम करने पर उत्पादता घटती जाती है। इसका असर देश की जीडीपी पर भी पड़ता है।

हेनरी फोर्ड ने शुरू किया था 40 घंटे काम का चलन
उत्पादकता बढ़ाने के लिए फोर्ड मोटर के संस्थापक हेनरी फोर्ड ने काम के घंटों में कटौती करते हुए एक दिन में आठ घंटे (सुबह 9 से शाम 5 बजे तक) और सप्ताह में 40 घंटे काम कराने के चलन की शुरुआत की। हालांकि, महामंदी के दौरान कुछ कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से सप्ताह में 46-50 घंटे काम कराना जारी रखा, जिससे उनकी उत्पादकता प्रभावित होने लगी। इसके बाद कंपनियों ने काम के घंटों में कमी की और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सप्ताह में औसतन 40 घंटे काम करने का चलन लगभग स्थापित हो गया। इसके बाद से दुनियाभर में यह चलन शुरू हो गया और आज कई देशों में कंपनियां कर्मचारियों से सप्ताह में चार दिन काम करा रही हैं।

Long Hour Work Row - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
डेनमार्क व मेक्सिको में मेहनताने में 55 डॉलर का अंतर
डेनमार्क में लोग एक साल में औसतन 1,380 घंटे काम करते हैं, जबकि मेक्सिको में यह 2,137 घंटे है। इसके बावजूद डेनमार्क के लोगों को प्रति घंटे काम के लिए 75 डॉलर मिलते हैं, जो मेक्सिको के 20 डॉलर से 50 डॉलर अधिक है। अमेरिका में एक घंटे काम करने के लिए कंपनियां औसतन 72 डॉलर का भुगतान करती हैं।  

Work Hours - फोटो : Amar Ujala
10 देशों में सबसे कम काम के घंटे
 
देश    प्रति सप्ताह
वनुआतू       24.7 घंटे
किरीबाती     27.3 घंटे
माइक्रोनेशिया      30.4 घंटे
रवांडा       30.4 घंटे
सोमालिया     31.4 घंटे
नीदरलैंड     31.6 घंटे
इराक   31.7 घंटे
इथियोपिया    31.9 घंटे
कनाडा  32.1 घंटे
ऑस्ट्रेलिया  32.3 घंटे
 

10 देशों में काम के सबसे ज्यादा घंटे
देश  प्रति सप्ताह
भूटान  54.4 घंटे
यूएई   50.9 घंटे
लेसोथो 50.4 घंटे
कांगो 48.6 घंटे
कतर    48.0 घंटे
लाइबेरिया 47.7 घंटे
लेबनान 47.6 घंटे
मंगोलिया 47.3 घंटे
जॉर्डन 47 घंटे
बांग्लादेश 46.9 घंटे

(सोर्स : अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन)
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भारत में स्थिति
भारत में फैक्टरीज एक्ट-1948 के मुताबिक, कंपनियां सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के भुगतान के साथ सप्ताह में 48 घंटे काम करा सकती हैं। इसमें प्रतिदिन अधिकतम एक घंटे के ब्रेक के साथ 9 घंटे का समय हो सकता है। ओवरटाइम की स्थिति में नियमित मेहनताने से दोगुना पैसे देने होते हैं।अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कर्मचारी हर सप्ताह औसतन 46.7 घंटे काम करते हैं, जबकि 51 फीसदी हर हफ्ते 49 या उससे ज्यादा घंटे काम करते हैं।
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