कई लोग समय पर अपने लोन की किस्त नहीं चुका पाते हैं। एक सर्वे के मुताबिक, इसका कारण समय पर वेतन नहीं मिलना हो सकता है। सर्वे में यह निष्कर्ष सामने आया है कि अगर व्यक्तिगत कर्जदार अपने लोन की किस्त समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो वेतन मिलने में होनी वाली देरी इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है। वेतन में विलंब की वजह से 36 फीसदी मामलों में कर्ज भुगतान में देरी आती है।
कुछ माह पहले जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में बेरोजगारी की दर चार दशक के उच्चस्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में ये खबर आना कि देर से वेतन मिलने की वजह से लोग लोन की किस्त समय पर नहीं चुका पाते हैं, एक चिंता का विषय है। कॉर्पोरेट लोन की मांग कम होने की वजह से बैंक अपने बही खाते को आगे बढ़ाने के लिए काफी हद तक रिटेल लोन पर निर्भर हैं।
सर्वे में एक और बात सामने आई है कि महिलाओं की तुलना में लोन नहीं चुकाने के मामले में पुरुषों की संख्या अधिक है। 82 फीसदी लोन की किस्त नहीं चुकाने के मामले पुरुषों से जुड़े हैं। जबकि केवल 18 फीसदी महिलाओं को ही लोन की किस्त चुकाने में देरी होती है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं 11 फीसदी ज्यादा तेजी से बकाया का भुगतान करती हैं।
बता दें कि ऋण प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में ओड़िशा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। लेकिन मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और तमिलनाडु का प्रदर्शन सबसे खराब है।