आम जनता को पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा 24 घंटे और छुट्टी के दिन भी मिल सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तरह का प्रस्ताव दिया है, जिससे लोगों को काफी फायदा होगा। आरबीआई ने गुरुवार को जारी अपने विजन डॉक्यूमेंट में कहा है कि वो रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्ट्रोनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के अभी चल रहे समय को बढ़ाना चाहती है। अभी आरटीजीएस और एनईएफटी करने के लिए एक समय होता है। इस समय के पश्चात बैंक अगले दिन ऐसा करते हैं।
पहले होगा परीक्षण
आरबीआई ने कहा है कि एनईएफटी का समय बढ़ाने से पहले इसका परीक्षण करना जरूरी है। अभी एनईएफटी दो घंटे के अंतराल पर बैंकिंग समय के दौरान होता है। यह सुविधा रविवार और शनिवार के अवकाश के दिन बंद रहती है। इसके अलावा जिस दिन बैंक का अवकाश रहता है, उस दिन भी नहीं होता है।
आईएमपीएस से होता है दो लाख तक का ट्रांसफर
वहीं बैंकों में आईएमपीएस सुविधा भी है, जिसके जरिए फंड ट्रांसफर मिनटों में हो जाता है। लेकिन लोग इससे केवल दो लाख रुपये तक की राशि को ही ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि अब यूपीआई की सुविधा शुरू होने के बाद से लोगों ने इसका प्रयोग काफी कम कर दिया है।
एसबीआई में लगता है 25 रुपये तक चार्ज
देश के सबसे बैंक एसबीआई में एनईएफटी करने वाले ग्राहकों को 2.5 रुपये से लेकर के 25 रुपये तक का अतिरिक्त चार्ज देना होता है। बैंक 10 हजार रुपये तक 2.5 रुपये, 10 हजार से एक लाख रुपये तक पांच रुपये, एक से दो लाख रुपये तक 15 रुपये और दो लाख रुपये से अधिक के फंड ट्रांसफर पर 25 रुपये चार्ज लेता है। अन्य बैंक भी इसी तरह का चार्ज लेते हैं।
फीचर फोन रखने वालों को सुविधा
बैंक ने कहा है कि जहां एक तरफ स्मार्टफोन का प्रयोग करने वालों की संख्या बढ़ी है, वहीं फीचर फोन का इस्तेमाल करने वाले लोग भी कम नहीं हैं। ऐसे में उनको भी तेज गति वाली भुगतान प्रणाली से जोड़ना होगा, जिस पर काफी काम किया जाना बाकी है।
यह है विजन
रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि दिसंबर 2021 तक देश में डिजिटल माध्यमों से होने वाला लेनदेन चार गुना से भी अधिक बढ़कर 8,707 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। रिजर्व बैंक ने ‘‘भारत में भुगतान और निपटान प्रणाली: विजन 2019- 2021’’ दस्तावेज को जारी करते हुये देश में ई- भुगतान के अनुभव को बेहतर बनाने और उच्च डिजिटल और कम नकदी वाला समाज बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है।