देश के कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाले सबसे बड़े सरकारी संगठन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के हितग्राहियों की संख्या में अक्तूबर में 12.73 लाख की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल की तुलना में इसमें 10.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ईपीएफओ में ग्राहक या हितग्राही बढ़ने का मतलब है कि देश में नौकरियों के अवसर बढ़े हैं और जॉब मार्केट की स्थिति में सुधार आया है।
केंद्रीय श्रम मंत्रालय के बयान के अनुसार 20 दिसंबर 2021 को ईपीएफओ द्वारा जारी पेरोल डाटा के अनुसार अक्तूबर 2021 में कुल 12.73 लाख नए हितग्राही जुड़े हैं। बयान के अनुसार वर्ष दर वर्ष के आधार पर अक्तूबर में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अक्तूबर 2020 में 11.55 लाख नए हितग्राही जुड़े थे। लगभग 5.16 लाख ग्राहक ईपीएफओ से बाहर हो गए थे, लेकिन उन्होंने पीएफ जमा की निकासी की बजाए उसे कायम रखते हुए पिछले खातों को नए खातों में ट्रांसफर करा लिया।
22 से 25 साल के 3.37 लाख युवा जुड़े
पेरोल डाटा का उम्र वार आकलन करें तो पता चलता है कि 22 से 25 साल के उम्र के युवाओं का सर्वाधिक पंजीयन हुआ है। अक्तूबर में 3.37 लाख युवा ईपीएफओ से जुड़े हैं।
पहली बार नौकरी पाने वाले 46 फीसदी
आंकड़ों से पता चलता है कि पहली बार नौकरी पाने वाले बड़ी संख्या में संगठित क्षेत्र में रोजगार पा रहे है, इसीलिए उनका ईपीएफओ में पंजीयन कराया गया है। अक्तूबर में ईपीएफओ से जुड़ने वाले नए सदस्यों में ऐसे लोगों की संख्या लगभग 46.12 फीसदी है।
ये पांच राज्य रहे आगे
राज्यवार तुलना के मुताबिक महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक के संस्थान ईपीएफओ में अपने कर्मचारियों का पंजीयन कराने में आगे रहे। इन राज्यों में सभी आयुवर्ग के ईपीएफओ सदस्यों की संख्या में 7.72 लाख का इजाफा हुआ। यह कुल बढ़ोतरी के आंकड़े का 60.64 फीसदी है। ईपीएफओ अपने सदस्यों को उनकी सेवानिवृत्ति पर भविष्य निधि, बीमा और पेंशन लाभ प्रदान करता है।