व्यक्तियों और गैर-व्यावसायिक करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए एक संसदीय पैनल ने वित्त मंत्रालय से सामान्य आईटीआर फॉर्म लाने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में ट्रस्टों व गैर-लाभकारी संगठनों को छोड़कर सभी करदाताओं के लिए एक अनुकूल सामान्य आयकर रिटर्न फॉर्म लाने का प्रस्ताव रखा था। इस पर शेयरधारकों से राय मांगी गई थी।
भाजपा सांसद जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति ने पहले रिटर्न भरने में आने वाली कठिनाइयों की पहचान की थी। उसके बाद कर विभाग से प्रक्रिया को सरल और अधिक आसान बनाने का आग्रह किया था। इसमें कहा गया था कि वेतन, किराया व व्यावसायिक आय जैसे विभिन्न स्रोतों से आय वाला कोई भी व्यक्ति स्वयं आईटीआर दाखिल नहीं कर सकता है।
समिति की सिफारिशों के जवाब में मंत्रालय ने कहा, कर अनुपालन को सुविधाजनक बनाने के लिए, व्यक्तिगत करदाताओं को वेतन जैसी कुछ आय का पहले से भरा विवरण दिया जा रहा है। कर विभाग ने कहा, प्री-फाइलिंग के लिए जानकारी का दायरा गृह संपत्ति आय, बैंक ब्याज, लाभांश जैसी सूचना को शामिल कर और बढ़ाया जा रहा है।
निवेश नहीं मिलने से पिछड़ा अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य
अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को हर साल डेढ़ से दो लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है, लेकिन अभी इस क्षेत्र में सालाना 75 हजार करोड़ का ही निवेश हो पा रहा है। ऐसे में अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश के नए-नए तरीके ईजाद करने होंगे। संसदीय समिति (ऊर्जा) ने संसद में प्रस्तुत एक रिपोर्ट में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए 10 सिफारिशें भी की हैं। समिति ने सरकार से कहा है कि वह देश में ग्रीन बैंक की स्थापना की संभावनाएं तलाशे, जो अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की वित्त संबंधी चुनौतियों का समाधान करेगा। इसके अलावा, समिति ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिए क्राउड फंडिंग जैसा रास्ता भी अपनाने की सिफारिश की है। सरकार ने 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावॉट तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
डिजिटल भुगतान में 13 फीसदी की वृद्धि : आरबीआई
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान 2022-23 में 13.24 फीसदी बढ़ा है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान इंडेक्स इस दौरान 395.57 पर रहा जो कि सितंबर, 2022 में 377.46 और मार्च, 2022 में 349.30 रहा था। आरबीआई ने बृहस्पतिवार को कहा, इस अवधि में भुगतान बुनियादी ढांचे व भुगतान प्रदर्शन में महत्वपूर्ण वृद्धि के कारण आरबीआई-डीपीआई सूचकांक सभी मापदंडों में बढ़ा है।
आरवीएनएल में बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी
रेलवे विकास निगम लि. (आरवीएनएल) में दो दिवसीय ऑफर फॉर सेल के पहले दिन संस्थागत निवेशकों ने 1,900 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सरकार की इसमें 78.20 फीसदी हिस्सेदारी है। वह 5.36 फीसदी हिस्सा बेच रही है। कंपनी का शेयर बृहस्पतिवार को 6.77% गिरकर 125 रुपये पर बंद हुआ।
पीएलआई रसायन क्षेत्र के लिए जल्द: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने पर विचार कर रही है। सरकार का इरादा भारत को इन उत्पादों का विनिर्माण केंद्र बनाने का है। वित्त मंत्री ने कहा, भारत विनिर्माण के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा है।
इंडियन बैंक को 1,709 करोड़ मुनाफा
इंडियन बैंक को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 1,709 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि के 1,213 करोड़ रुपये की तुलना में यह 41 फीसदी अधिक है। बैंक ने बताया कि कुल आय 14,759 करोड़ रही है। सकल एनपीए 5.47 फीसदी और शुद्ध एनपीए 0.70% रहा है।
श्रीराम फाइनेंस को 1,712 करोड़ का लाभ
श्रीराम फाइनेंस लि. को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ 26.6 फीसदी बढ़कर 1,712.19 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में शुद्ध लाभ 1,351.62 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी ने बताया, पहली तिमाही में कुल समेकित आय बढ़कर 8,292.52 करोड़ रुपये पहुंच गई।