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देश में 65 फीसदी बढ़ा मलयेशिया से पाम ऑयल का आयात, घरेलू उद्योग के लिए खतरा

Fri, 14 Jun 2019 08:41 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • कम हो रहा सूर्यमुखी और सोया तेल का आयात 
  • 8,18,149 टन हुआ पाम ऑयल का आयात मई में
  • 42 फीसदी की कमी देखी गई सोया ऑयल के आयात में
  • घरेलू उद्योग के लिए खतरनाक है मलयेशिया से पाम ऑयल का आयात
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विस्तार
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भारत के पाम ऑयल आयात में इस साल मई में 65 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। एक प्रमुख उद्योग निकाय ने शुक्रवार को बताया कि आयात शुल्क कम होने और कीमतों में गिरावट के कारण दोगुना से अधिक रिफाइंड पाम ऑयल का आयात किया गया। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने एक बयान में कहा कि पिछले महीने 8,18,149 टन पाम ऑयल का आयात हुआ था। इसमें 3,71,060 टन रिफाइंड पाम ऑयल का आयात भी शामिल है। एक साल पहले की समान अवधि में 1,57,832 टन रिफाइंड पाम ऑयल का आयात हुआ था। 

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भारत खाद्य तेलों का दुनिया में सबसे बड़ा खरीदार है। कुल आयात में पाम ऑयल की हिस्सेदारी 60 फीसदी से अधिक है। एसईए के मुताबिक, कुल वनस्पति तेल का आयात मई में घटकर 12,21,989 टन रहा। एक साल पहले की समान अवधि में 12,86,240 टन वनस्पति तेल का आयात हुआ था। इसके अलावा सूर्यमुखी तेल के आयात में भी 61 फीसदी की गिरावट रही। पिछले महीने 1,30,634 टन सूर्यमुखी तेल का आयात किया गया। 

रिफाइंड उत्पाद खरीदना आसान

 एसईए ने कहा, ‘मलयेशिया से रिफाइंड पाम ऑयल पर शुल्क में कटौती के भारत के फैसले ने रिफाइंड और पाम ऑयल के बीच शुल्क का अंतर पांच फीसदी बढ़ा दिया। इससे आयातकों के लिए दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से रिफाइंड उत्पाद खरीदना आसान हो गया है। भारत सरकार ने इस साल जनवरी में मलयेशिया से आयातित रिफाइंड पाम ऑयल पर आयात शुल्क को 54 फीसदी से घटाकर 45 फीसदी कर दिया था। भारत और मलयेशिया के बीच करीब एक दशक पहले हुए व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) के तहत आयात शुल्क में कटौती की गई थी। 

सोया ऑयल के आयात में कमी

एसईए ने एक बयान में कहा कि पाम ऑयल वर्तमान में बहुत प्रतिस्पर्धी बना हुआ है। इसलिए आयातक सूर्यमुखी और सोया तेल का आयात कम कर रहे हैं। पिछले महीने देश का सोया ऑयल आयात 42 फीसदी घटकर 2,32,003 टन रहा। भारत पाम ऑयल का आयात प्रमुख रूप से इंडोनेशिया और मलयेशिया से करता है। वहीं, अर्जेंटीना एवं ब्राजील से सोया ऑयल, यूक्रेन एवं रूस से सूर्यमुखी तेल और कनाडा से कैनोला ऑयल का आयात करता है।

आयात शुल्क बढ़ाने को पीएम को लिखा पत्र

भारतीय खाद्य तेल रिफाइनरों ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बढ़ रहे आयात को देखते हुए स्थानीय उद्योग की रक्षा के लिए मलयेशिया से आयातित रिफाइंड पाम ऑयल पर आयात शुल्क बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। एसईए ने मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि रिफाइंड पाम ऑयल का आयात अप्रैल के 2,38,479 टन के मुकाबले मई में बढ़कर 3,71,060 टन पहुंच गया। यह स्थानीय उद्योग के लिए खतरनाक है। एसईए ने कहा, ‘हम सरकार से अपील करते हैं कि मलयेशिया के साथ हुए सीएसीए समझौते को तत्काल प्रभाव से समाप्त करे। साथ ही स्थानीय उद्योगों की रक्षा के लिए पाम ऑयल पर अधिक आयात शुल्क लगाया जाए।’

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