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इस्लामाबाद में हाहाकार: मालवाहक वाहनों पर पाबंदी से पेट्रोल और अनाज का संकट, हवाई अड्डों पर भी गहराया खतरा

Thu, 23 Apr 2026 06:35 PM IST
राकेश कुमार आईएएनएस, इस्लामाबाद

सार

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मालवाहक परिवहन पर अचानक लगी रोक से बुनियादी जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। खाद्य आपूर्ति और हवाई अड्डों के ईंधन भंडार पर मंडराते खतरे के बीच व्यापारियों ने सरकार से वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से सप्लाई बहाल करने की मांग की है।
 
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इस्लामाबाद में मालवाहक वाहन पर पाबंदी - फोटो : @IANS
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विस्तार
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पाकिस्तान के रावलपिंडी और इस्लाबाद में मालवाहक परिवहन के निलंबन ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से लगाए गए इस प्रतिबंध के कारण दोनों शहरों में खाद्य पदार्थों और पेट्रोलियम उत्पादों की भारी किल्लत पैदा हो गई है। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन से तत्काल रास्ते खोलने की अपील की है।
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ईंधन संकट की दहलीज पर शहर
ऑयल टैंकर कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता नोमान अली बट ने बताया कि तेल टैंकरों की आवाजाही ठप होने से आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा, 'मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई में बड़ी बाधा बन रहा है।' पिछले दो से तीन दिनों से रावलपिंडी और इस्लाबाद में आपूर्ति ठप है। टैंकरों को शहरों की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

इतना ही नहीं, पेशावर और इस्लाबाद हवाई अड्डों के लिए ईंधन ले जाने वाले वाहन भी डिपो पर ही खड़े हैं। बट ने आगाह किया कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो हवाई अड्डों पर ईंधन की कमी हो सकती है, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है। एसोसिएशन ने अधिकारियों से मानवीय आधार पर तुरंत टैंकरों को प्रवेश देने का अनुरोध किया है।
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मंडियां सूनी, दिहाड़ी मजदूरों पर संकट
रावलपिंडी गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील कुरैशी ने कहा कि 19 अप्रैल से सड़कों के बंद होने के कारण अनाज, फल और सब्जी मंडियों तक कोई भी सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि इस संकट ने केवल व्यापारियों को ही नहीं, बल्कि दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों को भी सड़क पर ला दिया है।

कुरैशी के अनुसार, 'सैकड़ों मजदूर काम की उम्मीद में ट्रांसपोर्ट टर्मिनलों पर आते हैं, लेकिन काम न मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।' उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि यदि सुरक्षा कारणों से मुख्य सड़कें बंद हैं, तो मालवाहक जहाजों को मोटरवे का उपयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि हालांकि मोटरवे के इस्तेमाल से परिवहन शुल्क बढ़ सकता है, लेकिन कम से कम अनाज और जरूरी खाद्य सामग्री की कमी को तो रोका जा सकेगा।

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प्रशासन का सख्त रुख 
इससे पहले रविवार को इस्लाबाद और रावलपिंडी के जिला प्रशासनों ने अचानक सार्वजनिक और मालवाहक परिवहन को निलंबित करने की घोषणा की थी। इस्लाबाद के डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी दी कि भारी परिवहन और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, इस प्रतिबंध के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है।
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रावलपिंडी प्रशासन ने भी तत्काल प्रभाव से सभी निजी, सार्वजनिक और मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग की अपील करते हुए जारी किए गए इन आदेशों ने आम जनता के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। 

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