पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन तक का संकट गहरा गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि सिलेंडर में भरा जाने वाला रसोई गैस लोग प्लास्टिक बैग्स में भरकर इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। पाकिस्तान में सबसे ज्यादा गैस उत्पादक प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में परेशान लोग थैलियों में गैस भराकर खाना पका रहे हैं। हालांकि जानकारों का मानना है कि इस तरह घरेलू गैस का इस्तेमाल करना किसी खतरे से कम नहीं है। इस तरह से गैस का इस्तेमाल करना चलता-फिरता बम लेकर चलने के बराबर है।
# 500 से 900 रुपये में मिल रही थैलियों में भरकर गैस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर 10 हजार पाकिस्तानी रुपये में मिलता है। महंगाई और आर्थिक तंगी की वजह से इसे खरीदना हर किसी के बस का नहीं। वहीं दूसरी ओर प्लास्टिक थैली में एलपीजी गैस 500 से 900 रुपये तक में उपलब्ध है। यह सुविधानुसार अलग-अलग साइज की थैलियों में भी उपलब्ध है। इसे भरने के लिए इस्तेमाल होने वाला कंप्रेसर भी महज 1500 से 2000 रुपये में मिल रहा है। हालांकि जानकारों का मानना है कि गैस इस्तेमाल करने का यह तरीका बहुत खतरनाक है। इसके कारण किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
# एक्सपर्ट बोले- किसी भी दिन हो सकता है बड़ा हादसा
पाकिस्तान के पत्रकार गुलाम अब्बास शाह ने प्लॉस्टिक की थैलियों में रसोई गैस ले जा रहे लोगों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। साथ ही, उन्होंने लिखा है कि जो लोग प्लास्टिक की थैलियों में गैस भर कर ले जाते हैं, वे किसी चलते फिरते बम से कम नहीं है। डीडब्ल्यू की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के बर्न केयर सेंटर में रोजाना इन थैलियों के इस्तेमाल के दौरान हुए ब्लास्ट में घायल 8 मरीज पहुंचते हैं। सेंटर की मेडिकल अफसर डॉ. कुरतुलैन के मुताबिक अगर इसी तरह धड़ल्ले से प्लास्टिक बैग में भरकर गैस का इस्तेमाल होता रहा तो यह आंकड़ा किसी दिन बहुत बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा, "ज्यादातर महिलाएं खाना पकाने के स्टोव के विस्फोट से घायल हो जाती हैं, जबकि इनडोर गैस रिसाव विस्फोटों से भी लोग झुलस जाते हैं।"
# पेशावर में इस महीने प्लास्टिक बैग में गैस बेच रहे 16 लोगों को किया गया गिरफ्तार
पेशावर शहर में अधिकारियों ने इस तरह के बैग बेचने के आरोप में इस महीने 16 दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद इस व्यवसाय से जुड़े लोग भूमिगत हो गए हैं।दुकानदार अब जुर्माने और गिरफ्तारी के डर से खुले तौर पर गैस भरा बैग बेचने से परहेज कर रहे हैं पर कारोबार अब भी जारी है।