नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब से बड़ी मदद मिली है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए दो अरब डॉलर तक के वित्तपोषण की मंजूरी दे दी है। इससे देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बहुप्रतीक्षित बेलआउट हासिल करने में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान के सामने यह शर्त रखी थी कि उसे 6.5 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज को फिर से हासिल करने के लिए अन्य देशों से करीब तीन अरब डॉलर की राशि हासिल करनी होगी।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रियाद से यह सहायता ऐसे महत्वपूर्ण समय में मिली है जब 2019 में हस्ताक्षरित आईएमएफ कार्यक्रम 30 जून 2023 को समाप्त हो रहा है और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत मदद के कार्यक्रम को समय सीमा से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
पिछले महीने पाकिस्तान को उसके सदाबहार सहयोगी चीन से दो अरब डॉलर की मदद रोलओवर लोन के रूप में मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि आईएमएफ अभी भी मुद्रास्फीति के हिसाब से ब्याज दर में और वृद्धि की अपनी मांग पर जोर दे रहा है और 900 अरब रुपये की वार्षिक सब्सिडी का विरोध कर रहा है।
आईएमएफ की मदद पर श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कही ये बात
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने विश्वास जताया है कि संकटग्रस्त देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की पहली समीक्षा से पहले द्विपक्षीय और वाणिज्यिक लेनदारों के साथ ऋण पुनर्गठन वार्ता को अंतिम रूप दे सकता है। श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबरने और अन्य विकास भागीदारों से वित्तीय सहायता को उत्प्रेरित करने के लिए पिछले महीने 333 मिलियन अमरीकी डालर प्राप्त हुए, जो 3 बिलियन अमरीकी डालर के अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) बेलआउट कार्यक्रम की पहली किश्त है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वीरसिंघे ने राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के हालिया बयान पर सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका के विचारों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विश्वास जताया। रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक के गवर्नर के हवाले से कहा गया है, 'हम आईएमएफ की अगली समीक्षा से पहले ऋण पुनर्गठन को अंतिम रूप देंगे।