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Pakistan Floods: बाढ़ में फंसे पाकिस्तान की मदद का मामला ठंडे बस्ते में, पड़ोसी मुल्क ने नहीं की अब तक कोई पहल

सार

Pakistan Floods: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से जान-माल के नुकसान पर चिंता जताई थी। इसके जवाब में शरीफ ने ट्वीट किया था। इसके बाद पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने भारत से खाद्यान्न के आयात के सुझाव पर गैर दोस्ताना रुख अपनाते हुए इसे नकार सा दिया है...
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Pakistan Floods: भारत-पाकिस्तान - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पड़ोसी देश पाकिस्तान भीषण बाढ़ के बाद आई परेशानियों से जूझ रहा है। भारत बाढ़ग्रस्त पाकिस्तान को राहत सामग्री भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे पाकिस्तान से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। लेकिन राहत सामग्री के वितरण से जुड़े कई अधिकारियों और सूत्रों का कहना है, राहत सामग्री मुहैया कराने के मामले पर दोनों देशों की बातचीत ठंडे बस्ते में चली गई है। पाकिस्तान ने भारत से प्रस्तावित मदद के बारे में कोई बातचीत नहीं की है।

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पाकिस्तान में मध्य जून से तेज बारिश हो रही है। बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है। पाकिस्तान में 30 साल में औसतन सालाना जितना नुकसान होता है, उससे तीन गुना अधिक इस बार नुकसान हुआ है। संयुक्त राष्ट्र ने शनिवार को कहा कि बारिश से संबंधित आपदाओं के कारण पाकिस्तान में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 3.3 करोड़ लोग यानी देश की 15 फीसदी आबादी प्रभावित हो चुकी है।

2016 के बाद से  छिटपुट  व्यापार हो रहा है दोनों देशों में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से जान-माल के नुकसान पर चिंता जताई थी। इसके जवाब में शरीफ ने ट्वीट किया था। इसके बाद पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने भारत से खाद्यान्न के आयात के सुझाव पर गैर दोस्ताना रुख अपनाते हुए इसे नकार सा दिया है। बताया जाता है कि उन्होंने द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों की बहाली को कश्मीर मुद्दे से जोड़ दिया है। इस मामले को और जटिल करते हुए शरीफ ने कहा कि अभी भारत से सामान्य व्यापारिक संबंध शुरू नहीं हो पाएंगे। साल 2016 के उरी हमले के बाद दोनों देशों के बीच छिटपुट व्यापार हो रहा है।

पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बदलाव और अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के बाद भारत के साथ सभी तरह के व्यापार को प्रतिबंधित कर दिया है। किसी भी आयात को कानूनी रूप से करने के लिए हालिया प्रतिबंधों को हटाना पड़ेगा। पाकिस्तान ने ईरान और अफगानिस्तान से प्याज और टमाटर का आयात शुरू कर दिया है। हालांकि पाकिस्तान के इन दोनों देशों से संबंध भी तनावग्रस्त हैं।

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दरअसल, अगस्त 2019 में भारत द्वारा अनुच्छेद-370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद इमरान खान के नेतृत्व वाली तत्कालीन पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ हर प्रकार का व्यापार समाप्त कर दिया था। हालांकि कोविड-19 महामारी के बाद पाकिस्तान ने मई 2020 में भारत से दवाओं के आयात की इजाजत दे दी थी। भारत ने भी फरवरी 2019 में पाकिस्तान से तरजीही मुल्क का दर्जा वापस ले लिया था। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से होने वाले हर प्रकार के आयात पर 200 फीसदी शुल्क लगा दिया था। हालांकि उसने आयात या निर्यात पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई थी।

भारत-पाकिस्तान व्यापार

वर्ष     निर्यात    वृद्धि %  आयात  वृद्धि%
2022-23    204.83 72.78 17.67 5167.66
2021-22 118.55 133.46 0.34   -22.48
2020-21     50.78  -88.77  0.43   93.95
2019-20 452      -20.55  7.13 93.33

स्रोत: वाणिज्य विभाग


उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के शुरुआती तीन महीनों के दौरान पाकिस्तान ने भारत से 20.48 करोड़ डॉलर की वस्तुओं का आयात किया, जो पिछले वर्ष से 73 फीसदी अधिक था। इस आयत में चीनी तथा औषधीय उत्पाद अहम थे। इनके अलावा पाकिस्तान ने चाय, मसाले, फल-सब्जियों और कपड़ों का आयात किया। अप्रैल से जून तिमाही के दौरान भारत ने पाकिस्तान से 1.7 करोड़ डॉलर का मामूली आयात किया। वित्त वर्ष 2019 में दोनों देशों के बीच 2.6 अरब डॉलर मूल्य का व्यापार हुआ था, जो वित्त वर्ष 20,21 और 22 में घटकर क्रमश 83.1 करोड़ डॉलर, 32.9 करोड़ डॉलर तथा 51.6 करोड़ डॉलर रहा।

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