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Pakistan: नकदी संकट से जूझ रहा पाक रूस से खरीदेगा सस्ता क्रूड, दावा- 50 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर हुआ सौदा

Sun, 12 Mar 2023 05:23 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pakistan Crisis: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अनुसार रियायती भाव पर कच्चे तेल के लिए पाकिस्तान के अनुरोध का जवाब मॉस्को तभी देगा जब वह (पाकिस्तान) भुगतान के तरीके, प्रीमियम के साथ शिपिंग लागत और बीमा जैसी औपचारिकताओं को पूरा करेगा।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान रूस से 50 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर कच्चा तेल (Crude Oil) खरीदने के ठोस प्रयास कर रहा है। यह कीमत यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के कारण जी-7 देशों की ओर से लगाए गए प्राइस कैप से कम से कम 7 डॉलर प्रति बैरल कम है। रविवार को मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया। 

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वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल फिलहाल 82.78 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर बिक रहा है। 

पाकिस्तान जो वर्तमान में उच्च विदेशी ऋण और कमजोर स्थानीय मुद्रा की परिस्थिति से जूझ रहा है, रूस से रियायती दरों पर सस्ता कच्चा तेल खरीदने के लिए बेताब है।

द न्यूज के अनुसार रियायती कच्चे तेल के लिए पाकिस्तान के अनुरोध का जवाब मॉस्को तभी देगा जब वह (पाकिस्तान) भुगतान के तरीके, प्रीमियम के साथ शिपिंग लागत और बीमा जैसी औपचारिकताओं को पूरा करेगा।
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अखबार ने दावा किया कि मॉस्को से कच्चे तेल की पहली खेप अगले महीने के अंत तक पाकिस्तान पहुंचने वाली है। जिससे भविष्य में बड़े सौदे का मार्ग प्रशस्त होगा।

रूसी बंदरगाहों से कच्चे तेल की शिपिंग में 30 दिन लगेंगे जिसका मतलब होगा कि परिवहन लागत के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 10 से 15 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि होगी। 

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार के मुताबिक रूस शुरू में तेल सौदे को परिपक्व करने के लिए पाकिस्तान की गंभीरता को लेकर चिंतित था। लेकिन दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हाल ही में हुई एक बैठक में मॉस्को ने इस्लामाबाद से कहा कि वह विश्वास की कमी को पाटने के लिए परीक्षण के तौर पर 'एक तेल कार्गो' आयात करे। 

द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान पहले एक रूसी कच्चे तेल के जहाज का आयात करेगा ताकि जमीनी स्तर पर उसकी लागत का पता लगाया जा सके। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चूंकि पाकिस्तान अमेरिकी डॉलर की नकदी की कमी का सामना कर रहा है इसलिए वह चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित विभिन्न मित्र देशों की मुद्राओं में रूस को भुगतान करेगा।

पिछले साल दिसंबर में रूस ने पाकिस्तान को अपने कच्चे तेल पर 30 प्रतिशत छूट देने से इनकार कर दिया था क्योंकि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने कीमत में कमी की मांग की थी। 

पाकिस्तान के आयात में ऊर्जा का सबसे बड़ा हिस्सा है, और रूस से सस्ता तेल खरीदना पाकिस्तान को बढ़ते व्यापार घाटे और भुगतान संतुलन संकट को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

चूंकि पाकिस्तान विदेशी मुद्रा भंडार की भारी कमी से जूझ रहा है, इसलिए कम कीमतों पर कच्चे तेल और तेल से जुड़े उत्पादों को खरीदने के लिए रूस के साथ किया गया कोई भी अल्पकालिक या दीर्घकालिक सौदा देश के वित्तीय बोझ को कम करने में मदद करेगा।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुमानों के मुताबिक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार जो कुछ सप्ताह पहले 2.9 बिलियन अमरीकी डालर के गंभीर रूप से निचले स्तर पर गिर गया था, अब 4 बिलियन अमरीकी डालर के करीब पहुंच गया है। हालांकि अब भी देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिलने वाली फंडिंग के 1.1 बिलियन अमरीकी डॉलर की किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

1 जुलाई 2022 को वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 10.309 अरब डॉलर था, जिसमें केवल सात महीनों में 7 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के एक तिहाई हिस्से को जलमग्न कर दिया था। इससे लगभग 3.3 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित होने को मजबूर हो गए थे।
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पाकिस्तान की पहले से ही सुस्त अर्थव्यवस्था को इससे 12.5 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था।

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