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Padma Shree: बिग बुल रहे झुनझुनवाला को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान, जानें कैसे बने शेयर बाजार के बादशाह?

Wed, 25 Jan 2023 10:59 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Padma Shree Rakesh Jhunjhunwala: पांच जुलाई 1960 को जन्म लेने वाले राकेश झुनझुनवाला के परिवार ने भी कभी नहीं सोचा था कि उनका यह बेटा अरबपति हो जाएगा। दरअसल, राकेश के पिता राधेश्याम झुनझुनवाला आयकर विभाग में अधिकारी थे। वह अक्सर शेयर बाजार में पैसा लगाते थे। उन्हें देखकर ही राकेश को भी शेयर बाजार में निवेश करने का चस्का लग गया।
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राकेश झुनझुनवाला का निधन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सरकार की ओर से जारी पद्म पुरस्कारों की सूची में दिवंगत राकेश झुनझुनवाला का भी नाम शामिल है। उन्हें मरणोपरांत पद्श्री सम्मान से नवाजा गया है। झुनझुनवाला का बीते 14 अगस्त को निधन हो गया था। उन्हें शेयर बाजार के बिग बुल के नाम से जाना जाता था।

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झुनझुनवाला को कैसे लगा था शेयर बाजार का चस्का?
पांच जुलाई 1960 को जन्म लेने वाले राकेश झुनझुनवाला के परिवार ने भी कभी नहीं सोचा था कि उनका यह बेटा अरबपति हो जाएगा। दरअसल, राकेश के पिता राधेश्याम झुनझुनवाला आयकर विभाग में अधिकारी थे। वह अक्सर शेयर बाजार में पैसा लगाते थे। उन्हें देखकर ही राकेश को भी शेयर बाजार में निवेश करने का चस्का लग गया। उन्होंने राकेश झुनझुनवाला से साफ-साफ कह दिया कि अगर शेयर बाजार में पैसा लगाना ही है तो पहले खुद कमाओ। यहां तक कि किसी दोस्त से उधार लेने से भी मना कर दिया।

झुनझुनवाला को निवेश के लिए कैसे मिले थे पैसे?
अब सवाल उठता है कि जब पिता ने पैसे देने और किसी से उधार लेने से मना कर दिया तो राकेश झुनझुनवाला को शेयर बाजार में निवेश के लिए रकम कहां से मिली? ऐसे में राकेश झुनझुनवाला अपने भाई के एक क्लाइंट के पास पहुंचे और बड़ा मुनाफा दिलाने का दावा करते हुए पांच हजार रुपये का कर्ज मांगा। यही पांच हजार रुपये उन्होंने 1985 में शेयर बाजार में लगाए थे और सफलता के शिखर पर चढ़ाई शुरू कर दी। 
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पहले ही दांव में मिली थी कामयाबी
आप यकीन नहीं मानेंगे कि 1985 में पांच हजार रुपये के निवेश के पहले ही दांव ने राकेश झुनझुनवाला को सफलता का स्वाद चखा दिया। धीरे-धीरे यह रकम दो लाख रुपये से ज्यादा हो गई, जिससे उन्होंने टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टी के पांच हजार शेयर 43 रुपये प्रति शेयर के भाव से खरीदे। ये शेयर महज तीन महीने में ही काफी तेजी से चढ़ गए। झुनझुनवाला ने 143 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से टाटा टी के सभी शेयर बेच दिए और यह रकम महज तीन महीने में ही तीन गुनी हो गई। 

टाटा ने ही झुनझुनवाला को बनाया अरबपति
अब हम आपको बताते हैं कि झुनझुनवाला शेयर बाजार के बिग बुल कैसे बने? दरअसल, चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाकर राकेश झुनझुनवाला महज तीन साल में करोड़पतियों की लिस्ट में शामिल हो गए, लेकिन उनकी किस्मत एक बार फिर टाटा ग्रुप ने चमकाई। उन्होंने साल 2003 में टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन पर दांव लगाया। उन्होंने तीन रुपये प्रति शेयर के हिसाब से टाइटन के छह करोड़ शेयर खरीदे, जो कुछ समय बाद ही 7000 करोड़ रुपये के हो गए। इस वक्त राकेश झुनझुनवाला की कुल संपत्ति करीब 41 हजार करोड़ की बताई जाती है।

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