प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएसीएल लिमिटेड से जुड़े एक बड़े धन शोधन मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के दिल्ली आंचलिक कार्यालय ने 42.13 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर अस्थायी रूप से कुर्क किए हैं। ये शेयर मेसर्स इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड के थे, जो मेसर्स एन. एन. फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास थे। यह कुर्की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
ईडी की यह कार्रवाई पीएसीएल लिमिटेड और उसकी संबंधित संस्थाओं द्वारा कथित तौर पर संचालित एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी की जांच का हिस्सा है। इस धोखाधड़ी में एक सामूहिक निवेश योजना शामिल थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। सीबीआई ने बाद में 33 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दाखिल किए थे। इन पर अवैध निवेश योजना चलाने का आरोप है।
आरोप पत्रों के अनुसार, आरोपी संस्थाओं और व्यक्तियों ने कृषि भूमि बेचने और विकसित करने के बहाने लाखों निवेशकों से 48,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। निवेशकों को नकद भुगतान और किस्तों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया था। उन्हें गुमराह करने वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाए गए थे, जिसमें समझौते और मुख्तारनामे शामिल थे। अधिकांश मामलों में, वादा की गई भूमि नहीं दी गई, जिससे निवेशकों के लगभग 48,000 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया रह गया।
क्या है ईडी की नवीनतम कार्रवाई?
ईडी ने अपनी नवीनतम कार्रवाई में मेसर्स इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड के 29,46,341 इक्विटी शेयर कुर्क किए हैं। ये शेयर मेसर्स एन. एन. फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास थे। इन शेयरों को 30.90 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। 18 सितंबर को इनका वर्तमान बाजार मूल्य 42,13,26,763 रुपये था। प्रति शेयर इनका मूल्य 143 रुपये आंका गया था। जांच से पता चला कि इन शेयरों को पीएसीएल से डायवर्ट किए गए धन से वित्तपोषित किया गया था। यह धन मूल रूप से निवेशकों से एकत्र किया गया था और अपराध की आय का हिस्सा था।
पीएसीएल घोटाला कब शुरू हुआ और जांच कैसे आगे बढ़ी?
ईडी ने इस मामले में 2016 में एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी। इसके बाद 2018 में एक अभियोजन शिकायत दायर की गई। धन शोधन में शामिल विभिन्न आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ 2022, 2025 और 2026 में छह पूरक अभियोजन शिकायतें भी दायर की गईं। यह दर्शाता है कि जांच कई वर्षों से चल रही है।
अब तक कितनी संपत्ति कुर्क की गई है?
इस नवीनतम कुर्की के साथ, ईडी ने अब तक लगभग 29,667.76 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। इसमें भारत और विदेश दोनों में स्थित संपत्तियां शामिल हैं। यह आंकड़ा इस बड़े पैमाने के वित्तीय धोखाधड़ी की गंभीरता को दर्शाता है। आगे की जांच अभी जारी है।