केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर आर्थिक आंकड़े जारी करने का दबाव दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। भारत में 200 से ज्यादा अर्थशास्त्री और शिक्षाविदों ने सरकार को सर्वे और रिपोर्ट जारी करने को का आग्रह किया है। अर्थशास्त्रियों ने सरकार को कहा है कि वह एनएसएसओ द्वारा किए गए 2017-18 के उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण (Consumer Expenditure Survey) के आंकड़े भी जारी करे।
उपभोक्ता खर्च का डाटा कई समितियों द्वारा प्रयोग में लाया जाता है। इतना ही नहीं, उपभोक्ता खर्च का डाटा बड़े आर्थिक अनुमान के लिए बेहद जरूरी होता है। वहीं साल 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। ऐसा कहना है आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन का।
सी रंगराजन ने कहा है कि मौजूदा समय में देश की अर्थव्यवस्था का आकार 2.7 लाख करोड़ डॉलर है। अगर अगले पांच वर्षों तक इसे दोगुना करना है, तो कम से कम नौ फीसदी की गति से विकास करना अनिवार्य है।