ब्रिटिश एयरवेज द्वारा अपनी उड़ानों को पूरे विश्व में रद्द करने के बाद हवाई यात्रियों पर इसका असर दिखने लगा है। भारत से विदेश जाने वाली उड़ानों का किराया 30 फीसदी तक बढ़ गया है। इससे यात्री भी अपनी यात्रा को स्थगित करने पर मजबूर होने लगे हैं। विमानन क्षेत्र ने कहा कि फेस्टिव सीजन की शुरुआत से लेकर इसका असर आगामी दिसंबर-जनवरी में छुट्टियों के सीजन में पड़ सकता है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश एयरवेज की हड़ताल और हांगकांग में चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते कई देशों के लिए हवाई किराया बढ़ गया है। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि जेट एयरवेज के जमीन पर आने के बाद से ही किराया बढ़ गया था और वो उसी स्तर पर था। हालांकि अब नई घटनाओं के कारण यूके का किराया 30 फीसदी, अमेरिका का 16 फीसदी, खाड़ी देशों का 20 फीसदी, यूरोप का 15 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया के लिए टिकट 10 फीसदी तक महंगे हो गए हैं।
फिलहाल दो दिनों में ही ब्रिटिश एयरवेज की हड़ताल से 2.8 लाख यात्री प्रभावित हो चुके हैं। बिट्रिश एयरवेज भारत से हर हफ्ते 49 उड़ानों का संचालन करती है। इसका आगे भविष्य में भी असर देखने को मिलेगा। एयरलाइन के 100 साल के इतिहास की यह सबसे बड़ी हड़ताल मानी जा रही है। हड़ताल की वजह से कंपनी ने 1500 से ज्यादा उड़ानों को रद्द कर दिया है। पायलट वेतन विवाद को लेकर हड़ताल पर हैं।
द टेलीग्राफ की खबर के अनुसार, पायलटों की हड़ताल से 704 करोड़ रुपये यानी करीब 80 मिलियन पाउंड का नुकसान होगा। हड़ताल की वजह से न्यूयॉर्क, दिल्ली, हांगकांग और जोहानेसबर्ग की सभी उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इस संदर्भ में कंपनी ने यात्रियों से कहा है कि अगर आपकी फ्लाइट रद्द हो गई है तो एयरपोर्ट पर न जाएं।