सरकार की ओर से जारी सार्वजनिक उद्यम सर्वे के मुताबिक, लाभ में चलने वालीं सीपीएसई का शुद्ध लाभ 39.85 फीसदी बढ़कर 2.64 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान इन कंपनियों का शुद्ध घाटा कम होकर 15,000 करोड़ रुपये रह गया।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) का शुद्ध परिचालन लाभ वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 50.87 फीसदी बढ़कर 2.49 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, पावरग्रिड, एनटीपीसी और सेल शीर्ष-5 सरकारी कंपनियों के रूप में सामने आईं, जिनका मुनाफा सबसे ज्यादा रहा। 2020-21 में पीएसयू का शुद्ध परिचालन लाभ 1.65 लाख करोड़ रुपये रहा था।
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सरकार की ओर से जारी सार्वजनिक उद्यम सर्वे के मुताबिक, लाभ में चलने वालीं सीपीएसई का शुद्ध लाभ 39.85 फीसदी बढ़कर 2.64 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान इन कंपनियों का शुद्ध घाटा कम होकर 15,000 करोड़ रुपये रह गया। 2020-21 में यह 23,000 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह, केंद्रीय उपक्रमों के शुद्ध घाटे में 37.82 फीसदी की कमी आई है।
परिचालन राजस्व में इजाफा
सर्वे के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में केंद्रीय उपक्रमों का कुल सकल परिचालन राजस्व 31.95 लाख करोड़ रुपये रहा। 2020-21 में यह 24.08 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह परिचालन राजस्व में 32.65 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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इन्हें सबसे ज्यादा घाटा
ज्यादा घाटे में रहने वाली कंपनियों में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल), एअर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और अलायंस एयर एविएशन लिमिटेड शामिल हैं।
57.58 फीसदी ज्यादा लाभांश
सरकारी कंपनियों ने 2021-22 में लाभांश के रूप में कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया। यह आंकड़ा 2020-21 के 73,000 करोड़ रुपये की तुलना में 57.58 फीसदी अधिक है।