केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई है कि उसके द्वारा नए कर्मचारियों के लिए पहले तीन साल तक पेंशन मद में नियोक्ताओं की ओर से किए जाने वाले मूल वेतन के संपूर्ण12 फीसदी अंशदान को वहन करने की योजना से देश में एक करोड़ नई नौकरियों का सृजन होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने बुधवार को नियोक्ता द्वारा नए कर्मचारियों के पहले तीन साल तक पेंशन कोष में मूल वेतन के पूरे 12 फीसदी के अंशदान को अपनी तरफ से वहन करने की मंजूरी दी है।
सबको मिलेगा रोजगार
केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बृहस्पतिवार को बताया कि हमारी सरकार नौकरियों के सृजन के लिए कटिबद्ध है। साल 2016 में लागू की गई योजना में नियोक्ता द्वारा पेंशन मद में किए जाने वाले अंशदान का 8.33 फीसदी सरकार द्वारा वहन करने का प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि हमने योजना के दायरे को और विस्तार दिया है। कपड़ा क्षेत्र में नियोक्ता के कुल 12 फीसदी पेंशन अंशदान को वहन करने का फैसला लिया गया है।
30 लाख लोगों को मिल रहा है लाभ
प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) को अगस्त 2016 में लागू किया गया था, जिसका 30 लाख कामगार पहले से लाभ उठा रहे हैं। गंगवार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार के इस फैसले से एक करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी।
इस योजना में बजट प्रावधान को लगभग 6,500 करोड़ रुपये से 10,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा। 8.33 फीसदी पेंशन अंशदान का पहले से फायदा उठा रहे कामगारों को अब पहले तीन साल की बाकी अवधि के लिए 12 फीसदी की श्रेणी में डाल दिया जाएगा।