जापान की बहुराष्ट्रीय निवेश कंपनी सॉफ्टबैंक ने भारत की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अपनी हिस्सेदारी को और कम कर दिया है। कंपनी ने ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए 2.15 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री की है। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई विनियामक फाइलिंग के अनुसार, यह बिक्री सॉफ्टबैंक की निवेश इकाई 'एसवीएफ II ऑस्ट्रिच (डीई) एलएलसी' {SVF II Ostrich (DE) LLC} जरिए की गई। यह कदम सॉफ्टबैंक की ओर से भारतीय ईवी बाजार की प्रमुख कंपनी में अपने निवेश को आंशिक रूप से भुनाने की रणनीति का हिस्सा है।
लेन-देन का विवरण और समयसीमा
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर से बीएसई को भेजी गई फाइलिंग के मुताबिक, सॉफ्टबैंक की इकाई एसवीएफ II ऑस्ट्रिच ने कुल 9 करोड़ 46 लाख 28 हजार 299 इक्विटी शेयरों का निपटान किया है। शेयरों की यह बिक्री एक लंबी अवधि के दौरान कई चरणों में की गई है। फाइलिंग में बताया गया है कि यह विनिवेश प्रक्रिया 3 सितंबर, 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच पूरी की गई।
सेबी के नियमों के तहत, जब किसी सूचीबद्ध कंपनी में शेयरधारिता में बदलाव 2 प्रतिशत की सीमा को पार करता है, तो इसका खुलासा करना अनिवार्य होता है। 5 जनवरी 2026 को किए गए निपटान के साथ ही यह बिक्री 2 प्रतिशत के अनिवार्य स्तर को पार कर गई, जिसके बाद कंपनी ने यह आधिकारिक जानकारी साझा की।
घटकर 13.53% रह गई सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी
इस ताजा बिकवाली के बाद ओला इलेक्ट्रिक में सॉफ्टबैंक की होल्डिंग में उल्लेखनीय गिरावट आई है। लेन-देन पूरा होने के बाद, एसवीएफ II ऑस्ट्रिच (डीई) एलएलसी की हिस्सेदारी अब घटकर 13.53 प्रतिशत रह गई है, जो पहले 15.68 प्रतिशत थी।
यह डेटा साफ करता है कि सॉफ्टबैंक, जो ओला इलेक्ट्रिक के प्रमुख शुरुआती निवेशकों में से एक रहा है, धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी को कम कर रहा है, हालांकि अब भी कंपनी में उसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनी हुई है।