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Ola Electric: बैठकों के दौरान ओला के संस्थापक खो देते हैं अपना आपा, कर्मचारियों ने लगाए ‘गंभीर’ आरोप

Wed, 19 Oct 2022 11:02 AM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ola Electric: कंपनी के लगभग दो दर्जन वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर विभिन्न साक्षात्कारों के दौरान बताया है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान ओला इलेक्ट्रिक के अंदर वर्क कल्चर द्वेषपूर्ण या शत्रुतापूर्ण हो गया है।
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Bhavish Agarwal, Ola Electric - फोटो : Social Media
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विस्तार
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ओला के कर्मचारियों ने कंपनी के संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल के काम के दौरान अभद्र और क्रूर व्यवहार करने का खुलासा किया है। इन कर्मचारियों ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया है कि भाविश अग्रवाल के व्यवहार से बड़े पैमाने पर कंपनी के कर्मचारी और बोर्ड सदस्य निराश हैं। 

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कंपनी के दो दर्जन वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने किया खुलासा

Ola Electric S1 - फोटो : Ola Electric

कंपनी के लगभग दो दर्जन वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर विभिन्न साक्षात्कारों के दौरान मीडिया को बताया है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान ओला इलेक्ट्रिक के अंदर वर्क कल्चर द्वेषपूर्ण या शत्रुतापूर्ण हो गया है।   

कंपनी के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों का दावा है कि बैठकों के दौरान प्रजेंटेशन पर महज पेज नंबर नहीं होने की वजह से वे उन्हें फाड़ देते हैं, कर्मचारियों को पंजाबी में विशेषणों का इस्तेमाल करते हुए बेकार तक कह देते हैं।    

पेपर क्लिप और खराब प्रिंट क्वालिटी पर भी नाराज हो जाते हैं ओला सीईओ 

ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर - फोटो : ola

कर्मचारियों ने यह भी खुलासा किया है कि कई बार यह देखा गया कि एक घंटे के के लिए तयशुदा मीटिंग महज दस मिनट में ही समाप्त हो गई क्योंकि अग्रवाल एक मेमो में सेंटेंस कंस्ट्रक्शन से नाराज होकर अपना आपा खो बैठे। इस दौरान उन्होने खराब पेपर क्लिप और कागज पर खराब प्रिंटिंग क्वालिटी पर भी नाराजगी जाहिर की। 

जब इस बारे में ओला सीईओ भाविश अग्रवाल से पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि हर कोई हमारी कंपनी की संस्कृति के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्क कल्चर के लिए कोई वैश्विक मानक तय नहीं है।

एक कर्मचारी को कई एकड़ में फैले इलेक्ट्रिक टू व्हीलर प्लांट का तीन चक्कर लगाने की दी सजा 

Ola Electric Factory - फोटो : Ola Electric

रिपोर्ट के अनुसार एक बार अग्रवाल ने एक कर्मचारी को कई एकड़ में फैले ओला फ्यूचर फैक्ट्री का तीन चक्कर लगाने के लिए महज इसलिए कह दिया क्योंकि फैक्ट्री का एक बंद किया गया गेट खुला रह गया था। इस फैक्ट्री की मार्केटिंग ओला दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक टू व्हीलर प्लांट के रूप में करती है।

भाविश अग्रवाल ने मीडिया से एक बातचीत के दौरान कहा- 'मेरा गुस्सा-मेरी हताशा- यही मैं हूं'

ओला सीईओ भाविश अग्रवाल - फोटो : social media

भाविश अग्रवाल ने ब्लूमबर्ग से बातचीत में कहा है कि वे ऐसी कंपनियों का निर्माण करना चाहते हैं जिसका स्थायी प्रभाव बना रहे। भले ही इसका मतलब कुछ लोग गलत तरीके से निकालते हों।

अग्रवाल ने पिछले महीने ओला इलेक्ट्रिक के बेंगलुरू स्थित मुख्यालय में एक साक्षात्कार में कहा, "जुनून और भावनाएं बहुत अधिक हैं और हम एक आसान यात्रा पर नहीं हैं। मैं अपने लिए या ओला के लिए एक आसान यात्रा नहीं चुनना चाहता। मेरा गुस्सा, मेरी हताशा- यही मैं हूं।"

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ओला के सामने बिगड़ते वर्क कल्चर के बीच कर्मचारियों को बनाए रखने की चुनौती

Ola Electric Scooter - फोटो : Ola Electric

ओला के इस वर्क कल्चर के कारण सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों को काम पर बनाए रखने की है, विशेष रूप से शीर्ष प्रबंधन स्तर पर। रिपोर्ट में यह भी कहा गया गया है कि जिलिंगो के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी रमेश बाफना सहित कुछ अधिकारियों ने औपचारिक रूप से रोजगार की पेशकश स्वीकार करने के कुछ दिनों बाद ओला इलेक्ट्रिक से नहीं जुड़ने का फैसला किया।

कर्मचारियों का मानना है कि अग्रवाल की अथक गति और प्रबंधन शैली एक चिंताजनक मुद्दा हैे। बता दें कि 37 वर्षीय भाविश अग्रवाल एलन मस्क और चीनी समूह बीवाईडी कंपनी को टक्कर देने की महत्वाकांक्षा रखते हैं।

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