साल 2019 की शुरुआत में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि देश को कराची तट के निकट समुद्री इलाके में तेल विशाल स्रोत होने का पता चाला है। पाकिस्तान ने कराची तट क्षेत्र के समीप अरब सागर में खनिज तेल और गैस का बड़ा भंडार हासिल करने की उम्मीदों के साथ शुरू किया गया खुदाई का काम बंद कर दिया है।
नहीं हासिल हुई कोई सफलता
बता दें कि यह काम बड़े ही धूमधाम से शुरू किया गया था लेकिन जो भी कुएं खोदे गए उनमें कोई खनिज ईंधन हासिल नहीं हुआ। इमरान खान ने कहा था कि, 'यह स्रोत इतना बड़ा निकलेगा कि हमें आगे कोई तेल बाहर से नहीं खरीदना पड़ेगा।' लेकिन अब पेट्रोलियम मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक नदीम बाबर के वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा गया है कि तेल उत्खनन क्षेत्र में खुदाई में कोई अपेक्षित सफलता हाथ नहीं लगी है।
पाकिस्तान ने 700 करोड़ रुपये किए खर्च
इस क्षेत्र में तेल उत्खनन कुएं का परिचालन करने वाली कंपनी ने काम बंद करने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने 17 बार कोशिश की लेकिन बावजूद इसके सफलता नहीं मिली है। इस परियोजना में करीब 10 करोड़ डॉलर यानी करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पाकिस्तान की मुद्रा के हिसाब से ये रकम करीब 1500 करोड़ रुपये है।
चार माह पहले शुरू हुआ था खुदाई का काम
खुदाई का काम करीब चार माह पहले कंपनी ईएनआई ने शुरू किया था। इसमें अमेरिका की पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड और ओजीडीसीएल की भी हिस्सेदारी है। पाकिस्तान में तेल गैस का पहला कुआं 1963 में अमेरिका की एक कंपनी ने खोदा था जो सूखा निकला। ताजा विफलता से पहले 2005 में नीदरलैंड की शेल कंपनी के प्रयास में भी कुछ नहीं निकला था।