एआई चिप्स के लिए अमेरिका-चीन के बीच क्यों ठनी?
रिपोर्ट के अनुसार, मई में चीन के कई वितरकों ने चीन के AI समूहों को सेवा देने वाले वाले डेटा केंद्रों के आपूर्तिकर्ताओं को B200s बेचना शुरू कर दिया था। अमेरिका और चीन एआई व अन्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के बाजार में वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एनवीडिया जैसी कंपनियों के उत्पादों के लिए के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है।
चीन के किन शहरों में हो रही एआई चिप्स की बिक्री?
एनवीडिया ने पिछले हफ्ते बताया था कि ट्रम्प प्रशासन की ओर से H20 जैसे चिप्स की बिक्री पर निर्यात प्रतिबंध हटाने के बाद उसे चीन में बिक्री फिर से शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी। ये प्रतिबंध अप्रैल में लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले के तीन महीनों में, गुआंग्डोंग, झेजियांग और अनहुई प्रांतों के चीनी वितरकों ने एनवीडिया के बी200 के साथ-साथ एच100 और एच200 जैसे अन्य प्रतिबंधित प्रोसेसर भी बेच डाले।
चिप तस्करी के लिए किस रूट का किया जा रहा इस्तेमाल?
तकनीक चुराने के लिए इस्तेमाल होने वाले फ्लाइंग सूटकेस क्या हैं?
पिछले महीने एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीनी कंपनियां उच्च-स्तरीय एआई चिप्स पर अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए 'अपरंपरागत' तरीके अपना रही हैं। इसके तहत सूटकेस में एआई प्रशिक्षित हार्ड ड्राइव को दूसरे देशों में ले जाया जा रहा है। इन्हें 'फ्लाइंग सूटकेस' का नाम दिया गया है। उदाहरण के लिए, मार्च में एक घटना में, चार चीनी इंजीनियर कथित तौर पर बीजिंग से मलेशिया गए, और हर एक के पास 80 टेराबाइट डेटा वाली 15 हार्ड ड्राइव से भरे सूटकेस थे। एक मलेशियाई डेटा सेंटर में, उन्होंने उन्नत एनवीडिया चिप्स से लैस लगभग 300 सर्वरों का इस्तेमाल करके एक एआई मॉडल विकसित किया, जिसे वे बाद में चीन वापस ले आए।