सार
रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यस्त त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद श्रम बाजार ठंडा पड़ गया। नवंबर में करीब 29 लाख लोगों ने श्रम बाजार छोड़ दिया। अक्तूबर में देश में 3.97 करोड़ बेरोजगार थे, जिनकी संख्या नवंबर में करीब 34 लाख घटकर 3.62 करोड़ रह गई।
देश में बेरोजगारी दर अक्तूबर में 8.7 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद नवंबर, 2024 में घटकर 8 फीसदी रह गई। इस दौरान बेरोजगारों की संख्या में 34 लाख की बड़ी गिरावट देखने को मिली, जबकि रोजगार सिर्फ पांच लाख लोगों को ही मिला। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले माह घटने के बावजूद बेरोजगारी दर अब भी अधिक है। नवंबर लगातार दूसरा महीना रहा, जब बेरोजगारी दर 8 फीसदी या उससे अधिक रही है। दिसंबर में भी इसके उच्च स्तर पर रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यस्त त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद श्रम बाजार ठंडा पड़ गया। नवंबर में करीब 29 लाख लोगों ने श्रम बाजार छोड़ दिया। अक्तूबर में देश में 3.97 करोड़ बेरोजगार थे, जिनकी संख्या नवंबर में करीब 34 लाख घटकर 3.62 करोड़ रह गई। एक व्यक्ति को बेरोजगार तब माना जाता है, जब उसे रोजगार नहीं मिल पाता है, लेकिन वह सक्रिय रूप से काम की तलाश करता है।
30 लाख लोगों ने बंद की काम की तलाश
रिपोर्ट में कहा गया है कि 34 लाख लोगों में से करीब 30 लाख ने रोजगार की तलाश बंद कर दी। हालांकि, ये 30 लाख लोग दिसंबर में रोजगार की तलाश में आसानी से श्रमबल में वापस आ सकते हैं। इनमें से करीब 10 लाख लोग बेरोजगारों की श्रेणी में आ गए हैं। इसका मतलब है कि वे काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सक्रिय रूप से रोजगार नहीं ढूंढ़ रहे हैं। दिसंबर में श्रमबल में वृद्धि होने के कारण श्रम बाजारों पर अतिरिक्त रोजगार देने का दबाव होगा। रोजगार बढ़ने के बावजूद दिसंबर में बेरोजगारी दर 8 फीसदी से अधिक रह सकती है।
श्रमबल भागीदारी में आई गिरावट
सीएमआईई के मुताबिक, श्रमबल भागीदारी दर (एलपीआर) अक्तूबर के 41.2 फीसदी से घटकर 40.8 फीसदी रह गई। नवंबर में एलपीआर में हल्की कमी सामान्य है और यह गिरावट मौसमी हो सकती है। दिसंबर में एलपीआर मौसमी वृद्धि की उम्मीद है।
रोजगार मिलने की दर चौथे महीने भी घटी
पिछले महीने रोजगार मिलने की दर में मामूली गिरावट देखने को मिली और यह अक्तूबर के 37.56 फीसदी से घटकर 37.55 फीसदी रह गई। रोजगार मिलने की दर में यह लगातार चौथे महीने गिरावट है। अगस्त में यह दर 38 फीसदी रही थी।
चालू वित्त वर्ष में बेरोजगारी दर 8.1 फीसदी
चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में बेरोजगारी दर 8.1 फीसदी और 2023-24 में 8.1 फीसदी रही थी। बीते वित्त वर्ष में रोजगार मिलने की दर 37.1 फीसदी रही।