रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत मांग और बाजार की सकारात्मक धारणा के कारण सितंबर तिमाही में मकानों की औसत कीमत बढ़कर 11,000 रुपये प्रति वर्ग फीट हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में दाम 8,655 रुपये प्रति वर्ग फीट से 32 फीसदी बढ़कर 11,438 रुपये प्रति वर्ग फीट पहुंच गया।
मजबूत मांग के कारण देश के शीर्ष-8 शहरों में चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में मकानों की कीमतें सालाना आधार पर 11 फीसदी तक बढ़ गई हैं। दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक 32 फीसदी की तेजी आई है। क्रेडाई, कोलियर्स और लियासेस फोरास की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 के बाद से मकानों की औसत कीमतें लगातार 15वीं तिमाही बढ़ी हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत मांग और बाजार की सकारात्मक धारणा के कारण सितंबर तिमाही में मकानों की औसत कीमत बढ़कर 11,000 रुपये प्रति वर्ग फीट हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में दाम 8,655 रुपये प्रति वर्ग फीट से 32 फीसदी बढ़कर 11,438 रुपये प्रति वर्ग फीट पहुंच गया। चेन्नई में सबसे कम दो फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बंगलूरू में मकानों के दाम 24 फीसदी, अहमदाबाद में 16 फीसदी, पुणे में 10 फीसदी, मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में चार फीसदी बढ़े हैं। हैदराबाद और कोलकाता में औसत कीमत तीन-तीन फीसदी बढ़ी है।
रियल एस्टेट में एआईएफ निवेश 75,500 करोड़
वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) की ओर से भारतीय रियल एस्टेट में कुल निवेश 75,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। एआईएफ का सभी क्षेत्र की तुलना में यह सबसे अधिक निवेश है। सेबी के अनुसार, पहली छमाही में एआईएफ के कुल 4.49 लाख करोड़ में से रियल एस्टेट में 17 फीसदी निवेश आया है। पिछले साल यह 68,540 करोड़ रहा था।