बुढ़ापे में सबसे बड़ा डर बीमारी और बढ़ते अस्पताल खर्च का होता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए PFRDA एनपीएस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। ‘स्वास्थ्य पहल’ के तहत अब आपकी पेंशन बचत का एक हिस्सा मेडिकल सुरक्षा के लिए अलग रखा जा सकेगा।
बुढ़ापे में सबसे बड़ा डर बीमारी और बढ़ते अस्पताल खर्च का होता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए PFRDA एनपीएस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। ‘स्वास्थ्य पहल’ के तहत अब आपकी पेंशन बचत का एक हिस्सा मेडिकल सुरक्षा के लिए अलग रखा जा सकेगा।
बुढ़ापे की सबसे बड़ी चिंता होती है बीमारी और बिल। पेंशन नियामक PFRDA एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जो आपके रिटायरमेंट को 'बीमारी और बिल' के डर से आजाद कर सकती है। इसे नाम दिया गया है स्वास्थ्य पहल। अब आपका NPS निवेश सिर्फ रिटायरमेंट फंड नहीं, बल्कि एक मेडिकल पेंशन पूल भी बनेगा।
| फीचर | मौजूदा व्यवस्था | प्रस्तावित 'स्वास्थ्य' पहल |
| फोकस | सिर्फ रिटायरमेंट कॉर्पस | पेंशन + हेल्थ प्रोटेक्शन |
| बीमा प्रीमियम | खुद की जेब से (महंगा) | फंड द्वारा नेगोशिएटेड (सस्ता) |
| अस्पताल बिल | रीइम्बर्समेंट का इंतजार | अस्पतालों को तुरंत भुगतान |
| इन्वेस्टमेंट बास्केट | डेट और इक्विटी | AIF, रियल एस्टेट और गोल्ड भी |
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आईपीओ लिस्टिंग
कंपनियों के तिमाही नतीजे
24 फरवरी: Schaeffler India Ltd
25 फरवरी: Tata Motors, LG Elect., ICICI Prudential, Meesho
26 फरवरी: Sanofi India
27 फरवरी: Rain Industries
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