भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने मंगलवार को अपने प्रमुख एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) पर केंद्रित कई नए पहलों की शुरुआत की। इन बदलावों में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भी शामिल है। इसके अलावा, एनपीसीआई ने यूपीआई में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन भी लॉन्च किया है। इसके जरिए यूपीआई पिन सेट करने या रीसेट करने के लिए आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकशन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
एनपीसीआई के एक आधिकारिक बयान के अनुसार यूपीआई कैश प्वाइंट्स पर यूपीआई का उपयोग करके माइक्रो एटीएम के जरिए नकदी निकासी के लिए एक नया तरीका शुरू किया गया है। यह सेवा बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) की ओर से संचालित हैं। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजू ने सालाना ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में इनमें से अधिकांश उत्पादों को लॉन्च किया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यूपीआई के लिए ऑन-डिवाइस प्रमाणीकरण, ग्राहकों को यूपीआई पिन को मैन्युअल रूप से दर्ज करने के विकल्प के रूप में अपने स्मार्टफोन में मौजूद सुरक्षा विकल्पों जैसे फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह सुविधा यूजर्स को यूपीआई भुगतान को प्रमाणित करने में सक्षम बनाएगी। बयान में कहा गया कि यह सुविधा उन ग्राहकों को मिलेगी जो इसे चुनना चाहेंगे। इस तरह उन्हें अपने लेनदेन को प्रमाणित करने के लिए पसंदीदा तरीके पर नियंत्रण मिलेगा।
वैश्विक भुगतान प्रमुख पेपाल ने भी एनपीसीआई शाखा की शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स के साथ पेपाल वर्ल्ड पर यूपीआई को जोड़ने एलान किया है। इस सुविधा को 2025 में ही लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।
एनपीसीआई की वैश्विक शाखा नई सेवा के लिए लगभग 25 वर्ष पुरानी पेपाल के साथ साझेदारी करने वाली विश्व स्तर पर पहली इकाई बन गई है। यह सेवा यूपीआई का उपयोग करने वाले भारतीयों को विदेशी व्यापारियों को रुपये में भुगतान करने में मदद करेगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पेपाल क्लाउड सीमा पार भुगतान से जुड़ी वाणिज्य की जटिलता आसान बनाता है। यह दुनिया भर में कम कम देरी से और बड़े पैमाने पर सेवाएं उपलब्ध हों यह सुनिश्चित करता है।
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने भी इसी कार्यक्रम में कई उत्पादों का एलान किया। इसके तहत यूपीआई ग्राहकों को संयुक्त खाताधारकों और बहु-हस्ताक्षरकर्ता खाताधारकों के मामले में भी भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करने की अनुमति देती है। डिप्टी गवर्नर ने यूपीआई लाइट के जरिए वीयरेबल ग्लासेस का इस्तेमाल कर छोटे मूल्य के लेनदेन करने और भारत कनेक्ट पर विदेशी मुद्रा का भी शुभारंभ किया।