भारत के पास यूपीआई के जरिये 100 अरब से भी अधिक लेनदेन करने की क्षमता है। यह देश में यूपीआई से मौजूदा समय में होने वाले मासिक लेनदेन का 10 गुना होगा। 2016 में एकीकृत भुगतान मंच के तौर पर यूपीआई की शुरुआत के बाद से इससे होने वाले लेनदेन की संख्या अगस्त में 10 अरब के पार पहुंच गई है।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ दिलीप असबे ने मंगलवार को कहा, देश में 35 करोड़ लोग यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। इनकी संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी की गुंजाइश है। अगर सम्मिलित प्रभाव को देखें तो हम मौजूदा स्थिति से 10 गुना ज्यादा लेनदेन तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, असबे ने 100 अरब के लक्ष्य को हासिल करने की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया।
सिंगापुर से लिमिट बढ़ाने पर चर्चा
एनपीसीआई एकल लेनदेन सीमा को 1,000 एसजीडी (सिंगापुर डॉलर) से बढ़ाकर 5,000 एसजीडी से अधिक करने के लिए सिंगापुर से बातचीत कर रहा है। एनपीसीआई प्रमुख ने कहा, देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल 10 गुना बढ़ सकता है, लेकिन इसके लिए बैंकों की ओर से सही मंच मुहैया कराना जरूरी होगा। वैश्विक भुगतान कार्ड कंपनी वीजा हर महीने 22.5 अरब लेनदेन प्रसंस्करण करती है। इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी मास्टरकार्ड से 11 अरब से अधिक लेनदेन होते हैं।
ग्राहकों के उत्तराधिकारियों को नॉमिनी बनाना सुनिश्चित करें वित्तीय संस्थान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों व अन्य वित्त संस्थानों से सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके ग्राहक उत्तराधिकारी के रूप में नॉमिनी का पंजीकरण कराएं। इससे बिना दावे वाली रकम घटाने में मदद मिलेगी। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में सीतारमण ने कहा, मैं चाहती हूं कि बैंकिंग प्रणाली, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड सुनिश्चित करें कि जब कोई ग्राहक पैसे का लेनदेन करता है तो वह उत्तराधिकारी को नामित करें और पूरी जानकारी दर्ज करें। बैंकिंग प्रणाली में ही 35,000 करोड़ रुपये से अधिक ऐसी राशि है, जिस पर किसी का कोई दावा नहीं है।