आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई को चार फीसदी तक लाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, वह जोखिमों पर नजर रखेगा, क्योंकि कई बार होने वाले वैश्विक आपूर्ति के झटके का मूल्य स्थिति के प्रबंधन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के कार्यक्रम में दास ने कहा, आरबीआई सुनिश्चित करने के लिए सतर्क है कि महंगाई के संबंध में सामान्यीकरण और दृढ़ता के रूप में दूसरे प्रभावों को हावी न होने दिया जाए। आरबीआई को महंगाई को दो फीसदी कम या ज्यादा के साथ 4 फीसदी पर रखने की जिम्मेदारी है। बार-बार होने वाली खाद्य कीमतों के झटके की घटनाएं महंगाई की उम्मीदों के स्थिरीकरण के लिए जोखिम पैदा करती हैं। महंगाई फरवरी 2022 से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
सरकार के निरंतर प्रयासों का दिख रहा असर
दास ने कहा, सरकार के निरंतर और समय पर आपूर्ति पक्ष के हस्तक्षेप की भूमिका ऐसे खाद्य मूल्य झटकों की गंभीरता और अवधि को सीमित करने में महत्वपूर्ण है। इन परिस्थितियों में मूल्य स्थिरता के लिए किसी भी जोखिम के प्रति सतर्क रहने के साथ समय पर और उचित रूप से कार्य करना जरूरी है। सब्जियों में तेजी से जुलाई में खुदरा महंगाई 15 माह के उच्च स्तर 7.4 फीसदी पर पहुंच गई थी।
कुछ महीने तक ऊंची रहेगी महंगाई: एसएंडपी
एसएंडपी ने कहा कि अगले कुछ महीने तक महंगाई उच्च स्तर पर बनी रहेगी। हालांकि, सरकारी नीतियों से इसे आगे और बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी। एजेंसी के एशिया-प्रशांत के विश्रुत राणा ने कहा, देश में अगस्त में बारिश सामान्य से 11 फीसदी कम हुई है। इससे अगले कुछ महीने तक फसलों को लेकर चिंता बनी रहेगी। आपूर्ति बहुत मजबूत बनी हुई है और सरकार गेहूं और चावल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि को रोकने के लिए कदम उठा सकती है।
कॉल मनी मार्केट में डिजिटल मुद्रा के थोक इस्तेमाल की तैयारी
आरबीआई प्रायोगिक तौर पर संचालित केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के थोक इस्तेमाल का अंतरबैंक उधारी या कॉल मनी मार्केट में टोकन के तौर पर विस्तार देने की योजना बना रहा है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आरबीआई ने एक नवंबर, 2022 को सीबीडीसी के थोक इस्तेमाल का प्रायोगिक परीक्षण शुरू किया था। सूत्रों ने स्वदेशी भुगतान प्रणाली ‘रुपे’ पर पूछने पर कहा कि इसे बढ़ावा देने के बारे में कोई भी निर्देश नहीं है। परीक्षण के दौरान अगस्त में सीबीडीसी से 24,000 करोड़ रुपये के 10.83 करोड़ लेनदेन हुए।