Giriraj Singh: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को दिए गए ऋण एनपीए नहीं बनते हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैं सहकारिता मंत्री था, मैंने यह समझने के लिए एक टीम बांग्लादेश भेजी थी कि वहां एनपीए कम क्यों है? जब वे लौटे, तो मैं समझ गया कि जरूरत-आधारित वित्त कभी एनपीए नहीं बनता है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घटकर 1.8 प्रतिशत पर आ गई हैं। सिंह ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि 2014 में स्वयं सहायता समूहों के लिए एनपीए 9.58 प्रतिशत था। उन्होंने कहा, 'अब यह एनपीए घटकर 1.8 प्रतिशत पर आ गया है।
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सिंह ने जोर देकर कहा कि जरूरतमंद लोगों को दिए गए ऋण एनपीए नहीं बनते हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैं सहकारिता मंत्री था, मैंने यह समझने के लिए एक टीम बांग्लादेश भेजी थी कि वहां एनपीए कम क्यों है? जब वे लौटे, तो मैं समझ गया कि जरूरत-आधारित वित्त कभी एनपीए नहीं बनता है। चेहरा देखकर दिए गए ऋण एनपीए बन जाते हैं। मंत्री ने कहा कि ऋण पर भुगतान किए जा रहे ब्याज पर तीन प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने बैंकों से उन लोगों को प्रोत्साहन देने का भी आग्रह किया जिनका एनपीए एक प्रतिशत से कम है।