Dedicated Freight Corridor: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डीएफसीसी के स्थापना दिवस के मौके पर बताया कि तीन और राज्यों में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाने पर काम किया जा रहा है। ये राज्य झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ हैं।
केंद्र सरकार ने ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार का फैसला लिया हैं। यह नया कॉरिडोर तीन राज्यों में बनेगा। जिससे माल ढुलाई और आसान हो सकेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। मौजूदा समय में देश में कॉरिडोर ईस्टर्न और वेस्टर्न से माल ढुलाई हो रही है।
विज्ञापन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डीएफसीसी के स्थापना दिवस के मौके पर बताया कि तीन और राज्यों में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाने पर काम किया जा रहा है। ये राज्य झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ हैं। इन राज्यों से कोयला की ढुलाई सबसे अधिक होती है। तीनों कॉरिडोर को पोर्ट से जोड़ा जाएग। जिससे पोर्ट तक की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकेगी। दो राज्यों में डीपीआर पर काम शुरू हो चुका है और तीसरे पर जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इन तीनों राज्यों में कॉरिडोर बनने के बाद मालगाड़ियां को इन पर शिफ्ट कर दिया जाएगा और सवारी गाड़ियां के लिए ट्रैक खाली हो जाएगा। इससे सवारी गाड़ियां की गति बढ़ जाएगी। वहीं, मालगाड़ियां भी अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच सकेंगी।
अभी ये फ्रेट कॉरिडोर कर रहे है काम
भारतीय रेलवे ने देश में मालगाड़ियों के लिए दो कॉरिडोर का निर्माण किया है। 84 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले ईस्टर्न और वेस्टर्न दोनों कॉरिडोर की लंबाई 2843 किमी है। वेस्टर्न कोरिडोर हरियाणा से महाराष्ट्र (अटेली से जवाहर लाल नेहरू पोर्ट, जेएनपीटी) और ईस्टर्न कोरिडोर खुर्जा से पिखानी (उत्तर प्रदेश) तक बनाया जा रहा है। इन कॉरिडोर को बनाने का उद्देश्य बंदरगाहों से माल को समय से पहुंचना है। इस ट्रैक पर मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी। अभी 35 से 40 किमी. स्पीड से दौड़ती हैं।
विज्ञापन
इन दोनों कॉरिडोर को कनेक्ट करने का काम पूरा होने के बाद करीब 1600 मालगाड़ियां इन पर शिफ्ट हो जाएंगी। कॉरिडोर पर दौड़ने वाली मालगाड़ियां की स्पीड 100 किमी. प्रति घंटे हो जाएगी। मौजूदा ट्रैक खाली होने से सवारी गाड़ियां की स्पीड भी बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों की टाइमिंग में भी सुधार होगा।