शादी पंजीकरण पर सेवा शुल्क लगाने की अधिसूचना जारी करने के बाद अब दिल्ली सरकार ई-डिस्ट्रिक पोर्टल की सेवाओं पर भी यह शुल्क वसूलेगी। हालांकि यह सेवा शुल्क ऑनलाइन पेमेंट गेटवे की सुविधा शुरू होने के बाद शुरू होगी। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो ऑनलाइन पेमेंट गेटवे तैयार है। रिजर्व बैक ऑफ इंडिया की ओर से कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। वह मिलते ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
आवेदकों को क्रेडिट और डेबिट कॉर्ड के जरिए फीस जमा करने की सुविधा मिलेगी। राजस्व विभाग के ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर दिल्ली सरकार के पांच विभागों राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कुल 44 सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। उन सेवाओं पर लगने वाली फीस के अलावा सरकार अलग से सेवा शुल्क वसूलेगी।
यह सेवा शुल्क यूजर चार्ज या फिर ई-गवर्नेंस फीस के नाम पर वसूली जाएगी। सूत्रों की माने तो यह शुल्क 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक वसूला जाएगा। अकेले राजस्व विभाग तीन लाख से ज्यादा प्रमाण पत्र जारी करता है, जिसपर शुल्क लगाने के बाद सरकार को दो करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिलेगा।
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह शुल्क ई-गवर्नेंस शुल्क के रूप में लिया जाएगा। यह पैसा दिल्ली ई-गवर्नेंस सोसाइटी को जाएगा। कुल होने वाले राजस्व में से 80 फीसदी हिस्सा इस सोसाइटी के जरिए सभी 11 जिलों को बांटा जाएगा जबकि 20 फीसदी हिस्सा दिल्ली सरकार के आईटी विभाग को जाएगा। जिसके पास ई-डिस्ट्रिक पोर्टल के देखरेख की जिम्मेदारी है।