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Cryptocurrency: अब नॉन-मेट्रो क्षेत्रों में आकार ले रहा क्रिप्टो बाजार, निवेश में यूपी सबसे बड़ा योगदानकर्ता

Mon, 22 Dec 2025 06:04 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भारत में क्रिप्टो निवेश अब बड़े शहरों से छोटे कस्बों और नॉन-मेट्रो इलाकों में बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में सबसे आगे है। युवा निवेशक इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। 
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क्रिप्टो करंसी - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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कॉइनस्विच की ताजा रिपोर्ट हाउ इंडिया इन्वेस्ट्स 2025  के अनुसार, भारत का क्रिप्टो बाजार अब नॉन-मेट्रो क्षेत्रों से आकार ले रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश निवेश में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा है। यूपी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
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रिपोर्ट के परिणाम बताते हैं कि क्रिप्टो निवेश में भागीदारी बड़े महानगरों से हटकर छोटे शहरों और कस्बों की ओर लगातार बढ़ रही है। क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने वाले 45% लोग युवा हैं, जिनकी उम्र 26 से 35 वर्ष के बीच है। अगर आप भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो उससे पहले इस पर लगने वाले टैक्स के बारे में जरूर जान लें।  

क्रिप्टो पर कैसे लगता है टैक्स

क्रिप्टो करेंसी को भारतीय कानून के तहत वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के अंतर्गत रखा गया है।
  • VDAs को बेचने पर होने वाले लाभ पर 30% की निश्चित दर से टैक्स लगता है, चाहे होल्डिंग की अवधि कितनी भी हो।
  • खरीद लागत ही एकमात्र कटौती है, जिसकी अनुमति है। ट्रांजेक्शन शुल्क, माइनिंग और ट्रेडिंग खर्च जैसे कोई भी अन्य खर्च, कटौती योग्य नहीं हैं।
  • इस करेंसी से नुकसान को अन्य आय या पूंजीगत लाभ के साथ समायोजित नहीं किया जा सकता। नुकसान को आगे ले जाने की अनुमति नहीं है।
  • इसके अतिरिक्त, धारा 194S के तहत क्रिप्टो संपत्तियों की बिक्री या विनिमय पर 1% TDS कटता है।
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टैक्सेबल क्रिप्टो ट्रांजेक्शन किसे माना जाता है?
  • क्रिप्टो को फिएट (INR) के लिए बेचना।
  • एक क्रिप्टो करेंसी का दूसरी क्रिप्टो करेंसी के साथ विनिमय करना।
  • क्रिप्टो की मदद से कोई भी सामान या सेवाएं खरीदना (क्रिप्टो खर्च करना)। यह VDA का हस्तांतरण माना जाता है।
  • माइनिंग, स्टेकिंग, एयरड्रॉप्स या रिवॉर्ड्स के माध्यम से आय के रूप में प्राप्त क्रिप्टो करेंसी को आय माना जा सकता है और निपटान पर फिर से उस पर टैक्स लगना चाहिए।
  • क्रिप्टो करेंसी उपहार: जब छूट की सीमा से अधिक प्राप्त होते हैं और स्वयं उपहार के रूप में प्राप्त नहीं होते हैं, तो उन पर टैक्स लगता है और बिक्री पर फिर से मूल्यांकन किया जाता है।
क्रिप्टो टैक्स की गणना कैसे करें
मई 2025 में, अनुज ने 1,50,000 रुपये के बिटकॉइन खरीदे। दिसंबर 2025 में, इसे 2,20,000 रुपये में बेच दिया। इससे 70,000 का टैक्सेबल लाभ हुआ। लाभ पर 30% की दर से टैक्स 21,000 रुपये होगा।

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टीडीएस भी कटेगा  
यदि बिक्री के समय एक्सचेंज क्रिप्टो टीडीएस के लिए 1% की कटौती करता है, तो 2,20,000 रुपये का 1% यानी 2,200 रुपये कटौती होगी। नतीजतन, अनुज को 2,17,800 रुपये का शुद्ध भुगतान प्राप्त होगा। आयकर रिटर्न दाखिल करते समय कटौती किए गए टीडीएस को कुल टैक्स देनदारी में से घटा दिया जाएगा और देय टैक्स 18,800 (21,000 - 2,200) रुपये होगा।
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तारीख पता है?
आईपीओ लिस्टिंग
  • 23 दिसंबर : केएसएच इंटरनेशनल (700 करोड़ रुपये)
  • 29 दिसंबर: गुजरात सुपर-स्पेशियलिटी (250 करोड़ रुपये)  
डिस्क्लेमर : अपना पैसा में छपे विचार, राय और निवेश संबंधी सुझाव अलग-अलग विशेषज्ञों, ब्रोकर फर्मों या रिसर्च संस्थानों के हैं। इनसे अखबार या उसके प्रबंधन की सहमति जरूरी नहीं है। कृपया किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी अखबार या उसके प्रबंधन की नहीं होगी।

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