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Rising North East Investors Summit: PM मोदी बोले- पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व विकास हो रहा; EAST का मतलब भी बताया

Fri, 23 May 2025 01:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शिखर सम्मेलन में मंत्रिस्तरीय सत्र, व्यापार-से-सरकार सत्र, व्यापार-से-व्यापार बैठकें, स्टार्ट-अप और राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों की ओर से निवेश प्रोत्साहन के लिए की गई नीति, संबंधित पहलों की प्रदर्शनी होगी। मुख्य फोकस क्षेत्रों में पर्यटन और आतिथ्य, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण और संबद्ध क्षेत्र, कपड़ा, हथकरघा और हस्तशिल्प, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं, बुनियादी ढांचा और रसद, ऊर्जा, मनोरंजन और खेल शामिल हैं।
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PM Modi - फोटो : PTI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। सरकार पूर्वोत्तर की विकास गाथा को गति देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। नई दिल्ली में 'राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट' को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर की विविधता इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह क्षेत्र विकास के अग्रणी के रूप में उभर रहा है।

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उन्होंने दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, 'पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। हम इसकी विकास गाथा को गति देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, नौकरशाह, राजनयिक और अन्य लोग शामिल हो रहे हैं। उद्योग जगत के शीर्ष नेता मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी, अनिल अग्रवाल और अन्य लोग उद्घाटन सत्र में शामिल हुए।

'पूर्वोत्तर को लेकर सभी में उत्साह है, उमंग है और नए-नए सपनें हैं'
पीएम मोदी ने कहा, 'आज जब मैं 'राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट' के इस भव्य मंच पर हूं, तो मन में गर्व है, आत्मीयता है, अपनापन है और सबसे बड़ी बात है कि भविष्य को लेकर अपार विश्वास है। अभी कुछ ही महीने पहले यहां भारत मंडपम में हमने अष्टलक्ष्मी महोत्सव मनाया था। आज हम यहां पूर्वोत्तर में निवेश का उत्सव मना रहे हैं। यहां इतनी बड़ी संख्या में कारोबार जगत के पुरोधा आए हैं। ये दिखाता है कि पूर्वोत्तर को लेकर सभी में उत्साह है, उमंग है और नए-नए सपनें हैं।

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PM Modi - फोटो : PTI
'पूर्वोत्तर विविध राष्ट्र का सबसे विविध हिस्सा'
उन्होंने कहा, 'भारत को दुनिया का सबसे विविध राष्ट्र कहा जाता है। हमारा पूर्वोत्तर इस विविध राष्ट्र का सबसे विविध हिस्सा है। व्यापार से परंपरा तक, कपड़ा उद्योग से पर्यटन तक पूर्वोत्तर की विविधता उसकी बहुत बड़ी ताकत है।' 

'पूर्वोत्तर पूर्वी भारत का सबसे अहम अंग'
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकसित होना बहुत जरुरी है। पूर्वोत्तर पूर्वी भारत का सबसे अहम अंग है।  हमारे लिए EAST का मतलब है - Empower (सशक्तीकरण), Act (काम), Strengthen (सुदृढ़ीकरण) and Transform (परिवर्तन). पूर्वी भारत के लिए यही हमारी सरकार की नीति है।

'पूर्वोत्तर के साथ हमने दिल से रिश्ता बनाया'
उन्होंने कहा, 'पिछले 11 वर्षों में जो परिवर्तन पूर्वात्तर में आया है, वो केवल आंकड़ों की बात नहीं है। वो जमीन पर महसूस होने वाला बदलाव है। हमने पूर्वोत्तर के साथ केवल योजनाओं के माध्यम से रिश्ता नहीं जोड़ा, हमने दिल से रिश्ता बनाया है। 700 से ज्यादा बार हमारे केंद्र सरकार के मंत्री पूर्वोत्तर गए हैं। उन्होंने उस मिट्टी को महसूस किया, लोगों की आंखों में उम्मीद देखी और उस भरोसे को विकास की नीति में बदला। हमने इंफ्रास्ट्रक्चर को सिर्फ ईंट और सीमेंट से नहीं देखा, हमने उसे भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम बनाया है। हम लुक ईस्ट से आगे बढ़कर एक्ट ईस्ट के मंत्र पर चले। एक समय था, जब पूर्वोत्तर को सिर्फ सीमांत क्षेत्र कहा जाता था। आज ये विकास का अग्रणी बन रहा है।'
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PM Modi - फोटो : PTI
'पूर्वोत्तर के तो कल्चर में ही म्यूजिक है, डांस है, सेलिब्रेशन'
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के तो कल्चर में ही म्यूजिक है, डांस है, सेलिब्रेशन है। इसलिए वैश्विक सम्मेलन हो, संगीत कार्यक्रम हो या फिर Destination Weddings (गंतव्य विवाह) के लिए भी पूर्वोत्तर बेहतरीन जगह है। एक तरह से पूर्वोत्तर टूरिज्म के लिए एक सम्पूर्ण पैकेज है। अब पूर्वोत्तर में विकास का लाभ कोने-कोने तक पहुंच रहा है, तो इसका भी सकारात्मक असर पर्यटन पर पड़ रहा है। वहां पर्यटकों की संख्या दोगुनी हुई है। 

'हमारा ध्यान पूर्वोत्तर के युवाओं के भविष्य पर'
उन्होंने कहा, 'एक समय था, जब पूर्वोत्तर के साथ बम, बंदूक और ब्लोकेड का नाम जुड़ा हुआ था। इसका बहुत बड़ा नुकसान वहां के युवाओं को उठाना पड़ा। उनके हाथों से अनगिनत मौके निकल गए, लेकिन हमारा ध्यान पूर्वोत्तर के युवाओं के भविष्य पर है। इसलिए हमने एक के बाद एक शांति समझौते किए। युवाओं को विकास की मुख्यधारा में आने का अवसर दिया। पिछले 10-11 साल में 10 हजार से ज्यादा युवाओं ने हथियार छोड़कर शांति का रास्ता चुना है।'
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