केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय इंफ्रा पाइपलाइन की घोषणा करते हुए अगले पांच सालों के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। इस इंफ्रा पाइपलाइन के लिए 102 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे सरकार अपने पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को बनाने का लक्ष्य पूरा कर सकती है।
इस पाइपलाइन के निर्माण के लिए सीतारमण ने एक टास्क फोर्स का गठन किया था। इसके अलावा एक सिंगल विंडो सिस्टम कारोबारियों के लिए बनाया जाएगा ताकि केंद्र और राज्य सरकारों से उन्हें एक ही जगह सारी मंजूरी मिल जाए। यह सिंगल विंडो सिस्टम चार चरणों में पूरा होगा।
प्रोजेक्ट में निवेश के लिए एक सिंगल ऑनलाइन फॉर्म को भी शुरू करने का एलान किया जासकता है। सिंगल विंडो सिस्टम में केंद्र से मंजूरी मिलने की समय सीमा पहले से तय होगी। यह सिंगल विंडो सैल 21 राज्यों में होगी। प्रत्येक मंत्रालय और राज्य में बात करने के लिए दो लोगों को नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि 2020 की दूसरी छमाही में एक वैश्विक बिजनेस मीट का आयोजन भी सरकार की तरफ से किया जाएगा।