सार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने छह प्रमुख क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव किया, जिनका उद्देश्य आर्थिक विकास में तेजी लाना और समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में सरकार के तीन मुख्य कर्तव्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह बजट पीएम मोदी के नवोन्मेषी दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें विशेष रूप से युवा शक्ति और विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बजट में गरीब, शोषित और वंचित वर्गों के लिए सरकार के संकल्प को भी प्रमुखता से रखा गया है। यह बजट कर्तव्य भवन में प्रस्तुत होने वाला पहला बजट है, जो सरकार के प्रतिबद्ध दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है।
सरकार के तीन कर्तव्य
निर्मला सीतारमण ने बजट प्रस्तुत करते हुए सरकार के तीन महत्वपूर्ण कर्तव्यों का उल्लेख किया:
- हमारा पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा सरकार का पहला कर्तव्य यह है कि वह आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखे। यह वृद्धि न केवल तात्कालिक हो, बल्कि भविष्य के लिए भी स्थिरता सुनिश्चित करने वाली हो।
- हमारा दूसरा कर्तव्य अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण विकसित करना है। वित्त मंत्री ने कहा सरकार अपने नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके विकास की क्षमता भी बनाए। यह लक्ष्य समग्र विकास की ओर अग्रसर करेगा।
- हमारा तीसरा कर्तव्य- सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप विकास है। निर्मला सीतारमण ने बताया सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के दृष्टिकोण को लागू करती रहे, जिससे हर वर्ग के नागरिक को विकास के समान अवसर मिल सकें।
आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह प्रमुख पहलें
सीतारमण ने कहा कि सरकार ने आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव किया है, जिनसे उद्योग, रोजगार और समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा:
- सात प्रमुख क्षेत्रों में पहल शुरू करने का प्रस्ताव: रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करने के लिए कदम उठाए जाएंगे, जिससे रोजगार और उद्योग में गति आएगी।
- विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प: पुरानी औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार और आधुनिकीकरण की दिशा में पहल की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों से अधिक उत्पादन और रोजगार सृजन हो सके।
- चैंपियन एमएसएमई का निर्माण: छोटे और मंझले उद्योगों (MSMEs) को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि ये उद्योग न केवल आर्थिक वृद्धि में योगदान करें, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी मजबूत बन सकें।
- अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन: सरकारी योजनाओं में अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत सड़क, रेल, एयरपोर्ट, और अन्य आधारभूत ढांचे में सुधार किए जाएंगे।
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व: सरकार का लक्ष्य दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विस्तार किया जाएगा और ऊर्जा के स्थायित्व को प्राथमिकता दी जाएगी।
- शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना: शहरी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
पीएम मोदी का नवोन्मेषी दृष्टिकोण
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार का प्राथमिक उद्देश्य नवाचार, विकास और समग्र समृद्धि है। यह बजट विशेष रूप से युवा शक्ति को प्रोत्साहित करने और भविष्य के लिए स्थिर आर्थिक ढांचे को स्थापित करने पर आधारित है।