वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट अगले साल एक फरवरी को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 17 दिसंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की विभिन्न पक्षों के साथ तीसरी प्री-बजट बैठक हुई। इस दौरान वित्त मंत्री उद्योग संगठनों, कृषि संगठनों और अर्थशास्त्रियों के साथ बैठकों में उपभोग और वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए सुझाव मांगेंगी। सूत्रों के अनुसार, विचार विमर्श सोमवार से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा।
सीतारमण का होगा दूसरा बजट
2015-16 के बाद यह पहला मौका है जब बजट को शनिवार के दिन सदन में पेश किया जाएगा। अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में कई और रियायतों की घोषणा कर सकती हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा।
14 अक्तूबर से शुरू हुई थीं बजट की तैयारियां
वित्त मंत्रालय ने 14 अक्तूबर से 2020-21 के बजट की तैयारियों की कवायद शुरू की थीं। पिछले महीने कई विभागों और मंत्रालयों के साथ बैठक हुई हैं। व्यय सचिव द्वारा अन्य सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद ही बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
छह साल के निचले स्तर पर विकास दर
छह साल के निचले 4.5 फीसदी के स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए ढांचागत सुधारों की दूसरी लहर की उम्मीद में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट, 2020-21 का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। सरकार की बजट टीम में व्यय सचिव के अलावा संयुक्त सचिव (बजट) का पद लगभग तीन महीने से खाली पड़ा है। बजट तैयार करने के लिहाज से इन दोनों अधिकारियों को खासा अहम माना जाता है।
अहम होगा सीतारमण का दूसरा बजट
आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट को खासा अहम माना जा रहा है। पिछले हफ्ते ही आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में 2019-20 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया था।