शेयर बाजार के तेज उतार-चढ़ाव के बीच आईपीओ की रफ्तार जहां धीमी हो गई है, वहीं म्यूचुअल फंड के नए फंड ऑफर यानी एनएफओ की बहार है। 16 एनएफओ में से पांच इंडेक्स फंड हैं, तीन सेक्टोरल, दो थीमेटिक, एक मल्टीकैप, एक वैल्यू और बाकी दूसरी थीमों पर आधारित एनएफओ हैं। कोई भी एनएफओ एक बार बंद होने के बाद उसी तरह से फिर से निवेश के लिए खुलता है जैसे आईपीओ बंद हो जाते हैं और शेयर सूचीबद्ध होने पर फिर से शेयरों की खरीद फरोख्त शुरू हो जाती है।
कम मूल्य वाली कंपनियों की पहचान करता है वैल्यू फंड
महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड ने वैल्यू फंड लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है जो वैल्यू निवेश दृष्टिकोण के माध्यम से लंबे समय में पूंजी में वृद्धि चाहने वाले निवेशकों के लिए बनाया गई है। फंड का लक्ष्य बुनियादी रूप से मजबूत लेकिन कम मूल्य वाली कंपनियों की पहचान करना और उनमें निवेश करना है, जिससे स्थायी रिटर्न की उनकी क्षमता का पता लगाया जा सके। यह 21 फरवरी को बंद होगा। फिर से खरीदी बिक्री के लिए 5 मार्च से खुलेगा। इसका लक्ष्य मौलिक रूप से मजबूत लेकिन कम मूल्य वाली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-संबंधित साधनों के विविध पोर्टफोलियो में निवेश करके लंबे समय में पूंजी में बढ़त करना है। यह फंड एक सक्रिय निवेश रणनीति का पालन करता है, जो उच्च टर्नअराउंड क्षमता वाले अपने आंतरिक मूल्य से नीचे कारोबार करने वाले शेयरों की पहचान करता है।
भावनात्मक निर्णय लेने पर काबू रखता है मोमेंटम फंड
निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का एक्टिव मोमेंटम फंड 24 फरवरी को बंद होगा। नया फंड फैक्टर निवेश एक अनुशासित, नियम-आधारित दृष्टिकोण का पालन करता है, जो भावनात्मक निर्णय लेने और मानवीय पूर्वाग्रह को कम करता है। यह स्टॉक की मूलभूत विशेषताओं जैसे फायदा, कम अस्थिरता, गुणवत्ता, मूल्य, वृद्धि आदि पर निर्भर करता है। यह मोमेंटम नामक कारक पर आधारित है। मोमेंटम का मतलब किसी शेयर की कीमत के समय के साथ एक ही दिशा में बने रहने के रुझान से है। एक सामान्य वर्ष में इंडेक्स के शीर्ष पर रहने का मोमेंटम संचयी आधार पर लगभग 8 गुना रिटर्न देता है और निफ्टी 500 मोमेंटम 50 इंडेक्स ने 19 वर्षों में से 13 में निफ्टी 500 से बेहतर प्रदर्शन किया है।
एसेट अलोकेशन एक बेहतर रणनीति
वित्तीय नियोजन में एसेट अलोकेशन प्रमुख निवेश रणनीति है। व्यापक आर्थिक स्थितियों में इसकी प्रासंगिकता के बावजूद इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। निवेशक एक एसेट क्लास के प्रति पक्षपाती रहते हैं, जिससे उनके पोर्टफोलियो पर जोखिम उत्पन्न हो जाता है। एसेट अलोकेशन का मतलब आपके पैसों को इक्विटी, डेट, सोना और रियल एस्टेट जैसी परिसंपत्तियों में निवेश किया जाता है।
परिसंपत्ति आवंटन की रणनीति विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में उचित रूप से धन आवंटित करके जोखिमों में विविधता लाने का काम करती है। यह निवेशकों को एक परिसंपत्ति वर्ग के प्रति आकर्षण के कारण निवेश मूल्य में होने वाली अनुचित गिरावट से बचाती है। -वैभव जैन, पार्टनर, गेंडामुल हेमराज फाइनेंशियल