नए साल की शुरुआत हो चुकी है। साल 2022 कई राहत भरी खबरें लेकर आया है। साल के पहले दिन जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 100 रुपये की कटौती की गई है, तो सरकार की ओर से पेंशनर्स समेत करदाताओं तक को कई राहतें दी गई हैं। इसके साथ ही आज से कई नियमों में भी बदलाव हुआ है, जो आम आदमी पर सीधे तौर से प्रभाव डालेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो ये बदलाव आपकी जेब का खर्च भी बढ़ाने वाले हैं।
Post Office से कैश निकालने पर चार्ज
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए नियमों में बदलाव किया है। बैंक अब 1 जनवरी से अपने खाताधारकों से एक लिमिट खत्म हो जाने के बाद कैश निकालने और डिपॉजिट करने पर चार्ज वसूलेगा। ये नया नियम आज से लागू होगा, यानी अब ग्राहकों को 10 हजार रुपये निकालने और जमा करने पर चार्ज देना होगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के मुताबिक बेसिक सेविंग्स अकाउंट से हर महीने चार बार कैश निकालना फ्री है, लेकिन अब आपको आगे से हर ट्रांजैक्शन पर कम से कम 25 रुपये देने होंगे।
ATM से पैसे निकालना हो गया महंगा
नए साल पर एटीएम से पैसा निकालना भी महंगा हो गया है, इससे जुड़ा बदलाव आज से लागू हो गया है। आरबीआई ने एटीएम को लेकर जो नए नियम लागू किए हैं उसके तहत अब ग्राहकों को एक लिमिट के बाद एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा चार्ज देना होगा। अब एटीएम की लिमिट पूरी होने पर आपको 20 रुपये के बजाय 21 रुपये चार्ज देना होगा। साथ ही ग्राहकों को अलग से जीएसटी भुगतान भी करना होगा।
नए साल से महंगे होंगे जूते-चप्पल
31 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की 46वीं बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 जनवरी, 2022 से सभी फुटवियर पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, चाहे इन जूते-चप्पलों की कीमत कुछ भी क्यों न हो। यानी जूता चाहे 100 रुपये का हो या फिर 1000 रुपये का सभी पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रेडीमेड कपड़ों सहित कपास को छोड़कर कपड़ा उत्पादों पर 12 प्रतिशत समान जीएसटी दर लागू होगी।
डिजिटल पेमेंट के नियम बदले
आज से ऑनलाइन पेमेंट करते समय आपको 16 डिजिट वाले डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर समेत कार्ड की पूरी डिटेल्स भरनी होगी, वह भी हर बार पेमेंट करने पर। यानी अब जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग करेंगे या शॉपिंग करने के बाद डिजिटल पेमेंट करेंगे, तो आपको कार्ड की पूरी डिटेल हर बार डालनी होगी।
टैक्स कम भरने पर सख्ती बढ़ी
सीबीआईसी के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब टैक्स कम भरने या नहीं भरने पर की जाने वाली कार्रवाई में बड़ा बदलाव हुआ है। अभी तक ऐसा करने वालों के खिलाफ बैंक अकाउंट या प्रॉपर्टी अटैच की लंबी नोटिस प्रक्रिया थी, जो अब खत्म कर दी गई। इसका मतलब है कि अब बिना किसी नोटिस के ही प्रॉपर्टी अटैच होगी।