वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के नियामक बहुत अनुभवी हैं। वे अदाणी समूह से जुड़े मामलों को अच्छी तरह समझ रहे हैं। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए वे हमेशा सतर्क रहते हैं। वित्त मंत्री शनिवार को मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल के साथ औपचारिक बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। अदाणी मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरकार से जवाब मांगे जाने के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि मैं यहां खुलासा नहीं करूंगी कि सरकार अदालत में क्या कहेगी। भारत के नियामक अनुभवी हैं और अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। नियामक इस मामले को समझ रहे हैं और इस तरह के मामले को लेकर अभी ही नहीं, हमेशा तैयार रहते हैं। इसलिए मैंने यह मामला उन्हीं पर छोड़ दिया है। एजेंसी
सभी पक्षों से परामर्श के बाद ही नई नीति : दास
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि किसी नई नीति या केंद्रीय बैंक की तरफ से किसी घोषणा से पहले सभी संबंधित पक्षों से परामर्श किया जाता है। पिछली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में जुर्माने के साथ ब्याज लेने की घोषणा की गई है। अभी उसका मसौदा जारी किया है। बैंकों समेत सभी संबंधित पक्षों से राय लेकर ही अंतिम नीति जारी की जाएगी। दास ने 2023-24 में खुदरा महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई।
अदाणी समूह ने गिरवी रखे तीन कंपनियों के शेयर
अदाणी समूह ने कर्ज के एवज में अदाणी पोर्ट एवं स्पेशल इकनॉमिक जोन, अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी ग्रीन एनर्जी के क्रमश: 1%, 0.55% और 1.06% शेयर एसबीआई कैप ट्रस्टी के पास गिरवी रखे हैं।
- ट्रस्टी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया, एसबीआई ने अदाणी समूह को 27 हजार करोड़ का कर्ज दिया है।
नए टैक्स रिजिम से मध्यम वर्ग को राहत
निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए टैक्स रिजिम मध्यम वर्ग को अधिक फायदा मिलेगा। इस रिजिम के तहत उनकी जेब में अधिक पैसा बचेगा। बजट के बाद रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि लोगों को सरकारी योजनाओं के जरिये निवेश के लिए प्रेरित किया जाए बल्कि उन्हें निवेश के संबंध में व्यक्तिगत निर्णय लेने का मौका दिया जाना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष से प्रभावी रियायती कर व्यवस्था के तहत तीन लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा। तीन से छह लाख तक की आमदनी वालों को पांच प्रतिशत की दर से टैक्स का भुगतान करना होगा। छह से नौ लाख तक की आमदनी पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा, जबकि नौ से 12 लाख की आमदनी पर 15 प्रतिशत की दर से आयकर देय होगा। 12 से 15 लाख की आमदनी पर 20 प्रतिशत जबकि 15 लाख से अधिक आमदनी वालों को 30 प्रतिशत कर का भुगतान करना पड़ेगा। वहीं नई टैक्स रिजिम के तहत सात लाख रुपये तक की सालाना आमदनी तक किसी टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
क्रिप्टो से जुड़ी परिसंपत्तियों को विनियमित करने पर वित्त मंत्री ने कहा कि भारत एक आम ढांचा तैयार करने के लिए जी20 के देशों के साथ चर्चा कर रहा है। मूल्य वृद्धि पर एक सवाल के जवाब में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति वर्ष 2023-24 में 5.3 प्रतिशत रह सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें नरम रहती हैं तो इसमें और गिरावट आ सकती है।
दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने के लिए कच्चे तेल की दर 95 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया है। कर्ज के मूल्य निर्धारण के बारे में दास ने कहा कि बाजार प्रतिस्पर्धा से कर्ज और जमा पक्ष पर दरें तय होंगी क्योंकि यह एक नियंत्रणमुक्त सेगमेंट रहा है।