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GST Collection: शुद्ध जीएसटी संग्रह 11 फीसदी बढ़ा, रिफंड में 8.9% की कमी; महाराष्ट्र पहले, यूपी छठे स्थान पर

Mon, 02 Dec 2024 08:37 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो

सार

देश में शुद्ध जीएसटी संग्रह 11 फीसदी बढ़ा है। रिफंड में 8.9% की कमी आई है। घरेलू लेनदेन से कर वसूली 9.4 फीसदी बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये हो गई है। नवंबर में 19,259 करोड़ रुपये के ही रिफंड जारी किए गए हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र शीर्ष पर है। उत्तर प्रदेश 9,432 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ छठे स्थान पर है।
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जीएसटी। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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घरेलू लेनदेन से अधिक राजस्व मिलने की वजह से सरकार को जीएसटी संग्रह के जरिये नवंबर, 2024 में 1.82 लाख करोड़ रुपये से अधिक कमाई हुई है। वहीं, रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.63 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह आंकड़ा नवंबर, 2023 की तुलना में 11 फीसदी अधिक है। 
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आयात पर कर से राजस्व संग्रह बढ़ा
वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.4 फीसदी बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, आयात पर कर से राजस्व संग्रह लगभग छह फीसदी बढ़कर 42,591 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, रिफंड के मोर्चे पर नवंबर में सालाना आधार पर 8.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान कुल 19,259 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए।

अप्रैल-नवंबर अवधि में कुल 14.57 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह
आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों यानी अप्रैल-नवंबर अवधि में कुल 14.57 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ है। इस दौरान शुद्ध जीएसटी संग्रह एक साल पहले की समान अवधि के 11.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.90 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। 
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क्रम शीर्ष 10
राज्यों के नाम
जीएसटी संग्रह
करोड़ रुपये में)
1 महाराष्ट्र 29,948
2 कर्नाटक 13,722
3 गुजरात 12,192
4 तमिलनाडु 11,096
5 हरियाणा 9,900
6 उत्तर प्रदेश 9,432
7 दिल्ली 6,311
8 पश्चिम बंगाल 5,206
9 तेलंगाना 5,141
10 ओडिशा 4,704

यूपीआई लेनदेन में 8% तक गिरावट
त्योहारी बिक्री के चलते अक्तूबर में सार्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद नवंबर, 2024 में यूपीआई लेनदेन की मात्रा में सात फीसदी और मूल्य में आठ फीसदी की गिरावट आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने यूपीआई के जरिये 21.55 लाख करोड़ रुपये मूल्य के कुल 15.48 अरब लेनदेन हुए। अक्तूबर, 2024 में 23.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के रिकॉर्ड 16.58 अरब यूपीआई लेनदेन हुए थे। इसके अलावा, आईएमपीएस लेनदेन भी मात्रा के लिहाज से 13 फीसदी घटकर 40.8 करोड़ रह गया, जबकि मूल्य के लिहाज से यह 11 फीसदी कम होकर 5.58 लाख करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, फास्टैग के जरिये लेनदेन में मात्रा के लिहाज से 4 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। 
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