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Maggi Row: मैगी में निकले कीड़े तो FSSAI ने भेजा नोटिस, दो मिनट में ही 3% धड़ाम हुआ नेस्ले इंडिया का शेयर

Fri, 12 Jun 2026 08:54 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मैगी नूडल्स में कीड़े मिलने की शिकायत पर एफएसएसएआई की ओर से नोटिस जारी करने के बाद नेस्ले इंडिया के शेयर दो मिनट में ही तीन प्रतिशत तक टूट गए। जानें एफएसएसएआई ने कंपनी से क्या जवाब मांगा है और निवेशकों में क्यों है दहशत। पढ़ें पूरी खबर।
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मैगी की कीमतें - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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दो मिनट में बनने वाली मैगी ने शेयर बाजार में नेस्ले इंडिया के निवेशकों को दो मिनट में ही भारी झटका दे दिया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से मैगी नूडल्स में कीड़े मिलने की शिकायत पर नोटिस जारी करते ही कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, मैगी में कीड़ा मिलने के आरोपों को कंपनी ने पूरी तरह खारिज किया है।

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आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नियामक ने कंपनी से क्या जवाब मांगा है और इस खबर ने शेयर बाजार में निवेशकों को क्यों डरा दिया है।

मैगी में ऐसा क्या मिला कि नेस्ले के शेयरों में हड़कंप मच गया? 

एफएसएसएआई को मैगी नूडल्स के एक पैकेट में कीड़े या लार्वा पाए जाने की शिकायत मिली थी। इस गंभीर शिकायत के बाद नियामक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कंपनी को नोटिस जारी कर दिया। इस खबर के सामने आते ही शुक्रवार को लाल निशान में कारोबार कर रहे नेस्ले के शेयरों में अचानक भारी बिकवाली शुरू हो गई।

शेयर बाजार में महज 2 मिनट में ही शेयर 3% तक कैसे टूट गया?

जैसे ही निवेशकों को मैगी में कीड़े मिलने और FSSAI के नोटिस की भनक लगी, बाजार में पैनिक फैल गया। देखते ही देखते सिर्फ 2 मिनट के भीतर नेस्ले इंडिया का शेयर धड़ाम हो गया और इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया से जवाब में कौन सी रिपोर्ट मांगी है?

नियामक ने नेस्ले से एक विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने को कहा है। इस रिपोर्ट के जरिए कंपनी को यह बताना होगा कि उसने इस मामले में अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।

खराब बैच और सप्लाई चेन को लेकर नियामक के क्या कड़े निर्देश हैं?

नियामक ने साफ तौर पर कहा है कि कंपनी को संबंधित विक्रेता की जानकारी, उस विशेष बैच की आंतरिक क्वालिटी जांच का रिकॉर्ड और सप्लाई चेन से प्रभावित उत्पादों को हटाने (रिकॉल) के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों का पूरा ब्यौरा देना होगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए लागू किए जा रहे उपायों की जानकारी भी मांगी गई है।

मैगी के नोटिस से निवेशकों के बीच इतनी ज्यादा घबराहट क्यों है?

निवेशकों की इस घबराहट के पीछे का मुख्य कारण नेस्ले इंडिया के रेवेन्यू में मैगी का बड़ा हिस्सा होना है। मैगी ब्रांड कंपनी के कुल रेवेन्यू (राजस्व) में लगभग 30% का भारी-भरकम योगदान देता है। कंपनी के पोर्टफोलियो का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा होने के कारण, मैगी से जुड़े किसी भी नियामक विवाद या क्वालिटी इश्यू का सीधा नकारात्मक असर निवेशकों की भावना और शेयर की कीमत पर पड़ता है।

क्या किसी अन्य फूड चेन पर भी नियामक की गाज गिरी है?

हां, नेस्ले के अलावा एफएसएसएआई ने एलुरु के एमवीआर मॉल में स्थित एक केएफसीआउटलेट को भी नोटिस भेजा है। इस आउटलेट पर गंदगी से भरी परिस्थितियों में रेस्तरां चलाने का आरोप है। नियामक ने आउटलेट से साफ-सफाई, फूड और वेस्ट मैनेजमेंट, पेस्ट कंट्रोल और कर्मचारियों की स्वच्छता से जुड़ी कमियों पर विस्तृत जवाब मांगा है।

नेस्ले इंडिया में प्रमोटर्स और अन्य निवेशकों की मौजूदा हिस्सेदारी क्या है? 

मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, नेस्ले इंडिया में प्रमोटर्स के पास 62.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के पास 9.7%, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के पास 12.4% और पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 15.1% हिस्सेदारी मौजूद है।

मैगी में कीड़े मिलने के दावों पर नेस्ले इंडिया ने क्या कहा है?

नेस्ले इंडिया ने मैगी नूडल्स में कीड़े मिलने के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि यह आरोप एक असत्यापित अकाउंट के आधार पर मीडिया में फैलाए जा रहे हैं और शिकायतकर्ता से संपर्क न हो पाने के कारण कंपनी को अब तक जांच के लिए कोई सैंपल भी नहीं मिला है। नेस्ले ने संबंधित अधिकारियों को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें बैच और बाजार के सैंपल्स का पूरा डेटा शामिल है। कंपनी ने दावा किया है कि 'एफएसएसएआई' से मान्यता प्राप्त लैब में हुई जांच की रिपोर्ट में यह पूरी तरह साफ हो गया है कि उस बैच के उत्पादों में किसी भी तरह के कीड़े या गंदगी की कोई मौजूदगी नहीं थी। नेस्ले ने ग्राहकों को अपनी कड़ी क्वालिटी और फूड सेफ्टी का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि उन्हें यकीन है कि सबूतों के आधार पर जल्द ही पूरा सच सबके सामने आ जाएगा।

एफएमसीजी सेक्टर में क्वालिटी को लेकर किसी भी तरह की चूक कंपनियों के लिए कितनी भारी पड़ सकती है, नेस्ले इंडिया का यह ताजा मामला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कंपनी एफएसएसएआई को अपनी जांच रिपोर्ट में क्या सफाई पेश करती है।

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