भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और वर्तमान में शिकागो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रघुराम राजन ने कहा है कि किसानों का कर्ज माफ करने से अच्छा छह हजार रुपये देना है। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा एक साल में छह हजार रुपये किसानों को देने से उनकी समस्याएं थोड़े समय के लिए हल हो जाएंगी।
एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राजन ने कहा कि किसानों की मदद करने का यह एक बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही खेती में नई तकनीक को भी बढ़ावा देना होगा। राजन शुरुआत से किसानों का कर्ज माफ करने के सरकारों या फिर राजनीतिक दलों द्वारा लिए जा रहे निर्णय अथवा घोषणा के खिलाफ रहे हैं।
कांग्रेस को दी थी सलाह
राजन ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषित की गई न्यूनतम आय योजना (न्याय) के लिए भी सलाह दी थी। इस योजना के तहत गरीबों को हर साल 72 हजार रुपये देने का वादा किया गया है। इससे लगता है कि किसानों की मदद के लिए भाजपा और कांग्रेस के पास यह एक अच्छा विकल्प है।
राजन ने कहा कि उन्हें किसी भी दल या फिर नेता को सही सलाह देने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। आर्थिक मोर्चे पर मैं किसी को भी सही सलाह देने के लिए तैयार रहता हूं।
किसी भी हद तक हो सकता हूं शामिल
राजन ने कहा कि वो देश के विकास के लिए किसी भी तरह की मदद देने के लिए हमेशा तैयार रहता हूं और कोई भी इसके लिए उन्हें शामिल कर सकता है। कांग्रेस की योजना पर उन्होंने कहा कि वो इसको अमलीजामा पहनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट, सलाह और अर्थशास्त्र के नजरिए से किसी भी तकनीकि सहायता देने के लिए तैयार हैं। 56 साल के राजन फिलहाल अपनी किताब द थर्ड पिलरः हाऊ मार्केट्स एंड स्टेट लीव द कम्यूनिटी बीहाइंड के प्रचार के लिए भारत दौरे पर आए हुए हैं।