नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस रामलिंगम सुधाकर चार साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। बार एसोसिएशन ने जस्टिस रामलिंगम की विदाई के लिए समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर एक रिपोर्ट भी जारी की गई। जस्टिस रामालिंगम ने अपने कार्यकाल को लेकर संतोष व्यक्त किया।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के अध्यक्ष जस्टिस रामलिंगम सुधाकर रिटायर हो चुके हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के मौके पर NCLT की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट में NCLT प्रेसिडेंट जस्टिस रामलिंगम के कार्यकाल में किए गए काम और उल्लेखनीय बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गई है। रिटायर्ड NCLT प्रमुख जस्टिस रामालिंगम ने अपनी सेवानिवृत्ति के मौके पर आयोजित समारोह के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस संस्था में अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्हें कई अहम कार्यों को करने का अवसर मिला। वे संतोष के साथ इस सांविधानिक दायित्व से मुक्त हो रहे हैं।
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चार साल की सेवा पर रिपोर्ट जारी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जस्टिस रामलिंगम सुधाकर के चार वर्षों के कार्यकाल में किए गए काम पर जारी रिपोर्ट में बताया है कि कैसे गत 48 महीने की अवधि में संस्था में अहम बदलाव किए गए। ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित विदाई समारोह में जस्टिस सुधाकर ने अपने कार्यकाल का 'रिपोर्ट कार्ड' पेश किया, जो दिवालिया कानून यानी आईबीसी के तहत मामलों को निपटाने की रफ्तार में आए ऐतिहासिक बदलाव के बारे में बताता है।
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एनसीएलटी की दक्षता में हुआ जबरदस्त सुधार
जस्टिस सुधाकर द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में एनसीएलटी की दक्षता में जबरदस्त सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में आईबीसी मामलों का निपटान प्रतिशत बढ़कर 59.02% हो गया है, जो 2021-22 में महज 26.94% था। 31 दिसंबर 2025 तक कुल 47,898 IBC मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जो कुल दायर मामलों का 87.3% है।
कुल 19.75 लाख करोड़ रुपये के मामलों का समाधान
रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि दिवालिया प्रक्रिया के जरिए बड़ी मात्रा में फंसी हुई पूंजी को मुक्त कराया गया है। 31 दिसंबर 2025 तक कुल 19.75 लाख करोड़ रुपये के मामलों का समाधान किया गया है। मार्च 2021 से दिसंबर 2025 के बीच स्वीकृत रेजोल्यूशन प्लान की संख्या में 312% की बढ़ोतरी हुई है। अब तक कुल 1,501 रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसके जरिए 4.52 लाख करोड़ रुपये की राशि को अप्रूव किया गया है।