म्यूचुअल फंड को लेकर आमतौर पर धारणा है कि यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए जोखिम भरा होता है। इसकी बड़ी वजह वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती उम्र है। लेकिन, वर्तमान में ऐसे नागरिकों के लिए निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। इन्हीं में एक है म्यूचुअल फंड। मौजूदा समय में ऐसे कई म्यूचुअल फंड हैं, जिन्हें खासतौर पर ऐसे नागरिकों की जरूरतों और कम जोखिम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
रिटर्न के लिहाज से भी यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का अच्छा विकल्प है। म्यूचुअल फंड के जरिये फंड मैनेजर निवेशकों की कमाई को उन योजनाओं में लगाते हैं, जहां बेहतर रिटर्न मिलता है। इससे निवेश में विविधता भी आती है। इसकी रकम को शेयर, बॉन्ड और ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) आदि में लगाया जाता है। इसलिए इसके प्रदर्शन यानी रिटर्न पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर रहता है।
महंगाई के असर से बचाने में मददगार
निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि म्यूचुअल फंड वरिष्ठ नागरिकों की ओर से किए जाने वाले निवेश को महंगाई के असर से भी बचाता है।
- सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) या एकमुश्त भुगतान के जरिये निवेश कर सकते हैं।
- उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैसे लगाने का यह बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जिन्हें अपने निवेश में लचीलेपन की जरूरत होती है।
लंबी अवधि में अधिक मुनाफा
दरअसल, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) में किए गए निवेश पर महंगाई का असर पड़ता है। इसलिए रिटर्न के लिहाज से एफडी व आरडी के मुकाबले लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश ज्यादा मुनाफा दिला सकता है। हालांकि, कम अवधि के निवेश में नुकसान की आशंका रहती है।
वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 3 से 7 फीसदी तक मिल रहा ब्याज
7.6% रिटर्न की पेशकश की जा रही है डाकघर में बचत योजना पर
मौका : राष्ट्रीय पेंशन योजना में 9 से 12 फीसदी तक ब्याज
निवेश वापस लेने की होती है छूट
वरिष्ठ नागरिकों को शुरुआती पांच साल के लिए डेट म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए। वहीं, अगले पांच साल के नियमित खर्चों के लिए बैलेंस्ड म्यूचुअल फंड में पैसे लगा सकते हैं। म्यूचुअल फंड निवेशक कभी भी अपना निवेश वापस ले सकता है। हालांकि, राष्ट्रीय पेंशन योजना या अन्य में ऐसी छूट नहीं होती है। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड वरिष्ठ नागरिकों को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने की भी छूट देता है। -स्वीटी मनोज जैन, निवेश सलाहकार
...तो कम अवधि में मिल सकता है अच्छा फायदा
हर म्चूयुअल फंड में इक्विटी और डेट के हिसाब से एक अलग प्रकार का जोखिम रहता है। ऐसे में रिटायर हो चुके वरिष्ठ नागरिक लंबी अवधि के अलावा कम अवधि के लिए भी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि अच्छी क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों के शॉर्ट टर्म बॉन्ड में निवेश करें। इसमें बैंक एफडी के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिलता है।