छोटे बच्चे के सपनों को साकार करने के लिए बच्चे का आर्थिक भविष्य संवारना अक्सर भारी-भरकम काम लगता है। पढ़ाई का खर्च बढ़ रहा है। बच्चों के सपने बदल रहे हैं। उनके बड़े लक्ष्यों के लिए लगातार लंबे समय तक तैयारी करनी होती है।
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म्यूचुअल फंड की चिल्ड्रन स्कीमें सालाना 15 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दे रही हैं। इसके जरिये बच्चों का भविष्य संवारने में मदद मिल सकती है। चिल्ड्रन स्कीमों में अनुशासित निवेश का तरीका व लंबे समय में बेहतर बढ़त की संभावना दोनों मिलते हैं। इनमें पांच साल का लॉक-इन होता है, या फिर जब बच्चा बालिग हो जाए, जो भी पहले हो। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल चिल्ड्रन फंड का लंबा और भरोसेमंद रिकॉर्ड रहा है। इसकी योजना की खासियत इसका बदलते हालात के मुताबिक ढलने वाला निवेश तरीका है।
बाजार में स्थिरता की जरूरत हो, तो यह फंड अपने हिस्से का 35 फीसदी तक डेट में निवेश कर सकता है। माहौल अनुकूल हो, तो उसी तेजी से फिर इक्विटी में लौट भी सकता है। इस स्कीम में 31 अगस्त 2001 को 10 लाख रुपये का निवेश 31 अक्तूबर, 2025 तक 3.3 करोड़ रुपये हो गया। यानी 15.58 फीसदी सीएजीआर (चक्रवृद्धि) रिटर्न मिला है। बेंचमार्क में यह निवेश 2.12 करोड़ रुपये (13.46 फीसदी सीएजीआर) बन जाता। शुरुआत से मासिक 10,000 रुपये का एसआईपी भी इसी फंड में की जाती तो 29 लाख रुपये का निवेश 31 अक्तूबर, 2025 तक 2.2 करोड़ रुपये का हो जाता।
जल्दी निवेश करने का लाभ
बच्चे के 18 साल का होने तक 50 लाख जुटाने के लिए बच्चे के जन्म के समय निवेश शुरू किया तो 18 साल में 12 फीसदी भी रिटर्न मान लिया जाए तो मासिक 6,598 रुपये लगाने होंगे। बच्चे के छह साल का होने पर निवेश शुरू किया तो 12 साल तक मासिक 15,671 रुपये लगाने होंगे।