आप निवेश में सुरक्षा, स्थिरता व बेहतर रिटर्न चाहते हैं तो मल्टी एसेट एलोकेशन फंड अच्छा विकल्प हो सकता है। यह फंड इक्विटी, डेट और गोल्ड में एक साथ निवेश कर जोखिम को संतुलित करता है। साथ ही टैक्स लाभ और नियमित आय की सुविधा भी देता है।
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स उन निवेशकों के लिए एक बेहतर माध्यम हैं जो विविध संपत्तियों में निवेश कर संतुलित लाभ अर्जित करना चाहते हैं। ये फंड कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास जैसे कि इक्विटी, डेट और गोल्ड या अन्य कमोडिटीज में निवेश करता है। इसका उद्देश्य बाजार की विभिन्न परिस्थितियों में संतुलित रिटर्न देना होता है। फंड मैनेजर बाजार की स्थिति को देखते हुए एसेट क्लास के बीच अनुपात बदल सकता है, जिससे जोखिम को संतुलित किया जा सके और रिटर्न को अनुकूल बनाया जा सके।
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इस तरह होती है पोर्टफोलियो की संरचना इस फंड्स की पोर्टफोलियो संरचना उनकी प्रबंधन नीति पर आधारित होती है, लेकिन इन फंड्स में 65% तक निवेश इक्विटी में होता है। इसमें बड़े और मिडकैप स्टॉक्स होते हैं। 15 से 25% तक डेट जैसे कॉरपोरेट बॉन्ड्स और सरकारी सिक्योरिटीज में होता है। 5 से 15% तक निवेश गोल्ड या अन्य कमोडिटीज में होता है। कुछ फंड्स अंतरराष्ट्रीय इक्विटी में भी निवेश करते हैं जिससे निवेशकों को वैश्विक स्तर पर एक्सपोजर मिलता है। ये फंड विविध एसेट क्लास में निवेश करते हैं इसलिए एक एसेट में गिरावट होती है तो दूसरा भरपाई कर सकता है।
इस फंड में निवेश के और भी फायदे हैं
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में निवेश करने के कुछ अतिरिक्त फायदे भी हैं। सबसे पहला लाभ है मार्केट टाइमिंग से बचाव। चूंकि इस फंड का निवेश विभिन्न एसेट क्लास में होता है, ऐसे में निवेशक को बार-बार बाजार की चाल पकड़ने की चिंता नहीं करनी पड़ती। दूसरा लाभ है स्मार्ट रिबैलेंसिंग, जहां फंड मैनेजर समय-समय पर पोर्टफोलियो को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार समायोजित करते हैं जिससे बेहतर और स्थिर रिटर्न की संभावना बनी रहती है।
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इस तरह के निवेशक के लिए उपयोगी
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स उन निवेशकों के लिए आदर्श विकल्प हैं जो इक्विटी में निवेश तो करना चाहते हैं लेकिन अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं। यह फंड विशेष रूप से मध्यम से लंबी अवधि यानी 3 से 5 वर्ष के निवेश लक्ष्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। रिटायर्ड व्यक्ति या ऐसे निवेशक जो नियमित आय चाहते हैं, वे इस फंड में निवेश कर सिस्टेमैटिक विद्ड्राल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के जरिये मासिक निश्चित राशि निकाल सकते हैं। एसडब्ल्यूपी ऐसी सुविधा है जिसके तहत निवेश से हर माह, तिमाही या सालाना एक तय राशि निकाल सकते हैं और शेष राशि फंड में बनी रहती है। बकाया राशि पर रिटर्न मिलता रहता है।
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने पिछले 5 वर्षों में औसतन 8 से 15 फीसदी तक का वार्षिक रिटर्न दिया है, जो डेट फंड्स की तुलना में बेहतर रहा है और इक्विटी फंड्स की तुलना में कम अस्थिर भी।
इस फंड में एक वर्ष से पहले की निकासी पर हुए लाभ पर 20% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा। एक वर्ष के बाद 1.25 लाख रुपये तक के लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे ऊपर के मुनाफे पर 12.5 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।