सूत्रों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और आवंतन नीतियों के बारे में पूछताछ के लिए एजेंसी द्वारा मुदा को कई चिट्ठी भेजी गई, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद ही एजेंसी ने छापेमारी की।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को भी मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुदा) दफ्तर में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की। इस मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, सीएम सिद्धारमैया पर मुदा द्वारा अपनी पत्नी पार्वती को 14 साइटों के आवंटन में अनियमितताओं के आरोप हैं। इससे पहले ईडी ने शुक्रवार को भी मुदा के दफ्तर में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बाहरी लोगों को दफ्तर के परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।
विज्ञापन
दो दिन से जारी है छापेमारी
केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीआरपीएफ सुरक्षा टीम के साथ मिलकर मैसूर में मुदा दफ्तर, तहसील कार्यालय और इस मामले में शामिल आरोपियों के परिसरों पर शुक्रवार से छापेमारी कर रही है। सूत्रों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और आवंतन नीतियों के बारे में पूछताछ के लिए एजेंसी द्वारा मुदा को कई चिट्ठी भेजी गई, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद ही एजेंसी ने छापेमारी की। ईडी ने 30 सितंबर को सीएम और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की थी, जिसमें हाल ही में लोकायुक्त द्वारा दर्ज की गई एफआईआर का संज्ञान लिया गया था।
वाईएसआरसीपी सांसद समेत कई लोगों के परिसरों पर छापेमारी
आंध्र प्रदेश में ईडी ने शनिवार को वाईएसआरसीपी सांसद और तेलुगु फिल्म निर्माता एमवीवी सत्यनारायण और अन्य लोगों परिसरों पर छापेमारी की। विशाखापत्तनम समेत पांच परिसरों पर छापा मारा गया। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला सरकारी जमीन पर कथित तौर पर कब्जा करने से जुड़े एक मामले में सत्यनारायण और अन्य के खिलाफ दर्ज राज्य पुलिस की एक प्राथमिकी से प्रकाश में आया। सत्यनारायण ने वाईएसआरसीपी की टिकट पर विशाखापत्तनम सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।