कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में दबाव के बीच भारत के वृहद आर्थिक बुनियादी ढांचे पिछले वैश्विक संकटों के मुकाबले काफी मजबूत दिखाई दे रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल ने एक रिपोर्ट में कहा, टैरिफ जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू लचीलेपन और बेहतर राजकोषीय सेहत की बदौलत भारत की आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव काफी सीमित रहेगा। हालांकि, आईटी क्षेत्र में सुस्ती और करेंसी वार के बीच चीन से उत्पादों की डंपिंग का मामूली असर देखने को मिल सकता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अब भी महंगे
भारतीय शेयर बाजारों पर रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में हुए सुधारों ने निफ्टी-50 में शामिल लार्जकैप शेयरों को मूल्य के लिहाज से अधिक आकर्षक बना दिया है। इनकी कीमतें उनके 10 वर्षीय अग्रिम औसत से नीचे आ गई हैं। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अब भी महंगे बने हुए हैं।
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