भारतीय बाजार की मध्यम अवधि की गाथा उत्साहित करने वाली है। विदेशी निवेशक इस समय भारत की ओर बढ़ रहे हैं। उभरते बाजार आय की 12 गुना ज्यादा कीमत (पीई) पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि भारतीय बाजार 20 के पीई पर कारोबार कर रहा है। मॉर्गन स्टेनली के उभरते बाजारों के रणनीतिकार जोनाथन गार्नर ने कहा, अक्तूबर से भारत के लिए मूल्यांकन तुलनात्मक रूप से काफी सस्ता हो गया है, क्योंकि ताइवान और कोरिया जैसे अन्य बाजारों ने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया है। गार्नर ने कहा, सेंसेक्स 68,500 तक जा सकता है। तेजी जारी रही तो यह 80 हजार के स्तर को छू सकता है। उन्होंने कहा, हम जिन 27 उभरते बाजारों को कवर करते हैं, उनमें से भारत इस समय पहले स्थान पर पहुंच गया है।
दिसंबर तक 20,500 पर पहुंचेगा निफ्टी
बैंक ऑफ अमेरिका का दावा है कि दिसंबर तक निफ्टी 20,500 तक पहुंच जाएगा। मजबूत घरेलू प्रवाह व अमेरिका में मंदी का जोखिम नहीं होने से भारतीय बाजार के लिए बेहतर स्थिति है। विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू बाजार वित्तीय, औद्योगिक, ऑटो, फार्मा शेयरों के बड़े और मिडकैप शेयरों के दम पर तेजी में है।
अमेरिकी बैंकों पर फिर संकट मूडीज ने घटाई 10 की रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अमेरिका के कई छोटे से मध्यम आकार के बैंकों की क्रेडिट रेटिंग घटा दी है। वह आगे कुछ बड़े बैंकों की रेटिंग डाउनग्रेड कर सकती है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि कर्ज परीक्षण फंडिंग जोखिमों व कमजोर लाभप्रदता से किया जाएगा। बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन, यूएस बैनकॉर्प, स्टेट स्ट्रीट और ट्रुइस्ट फाइनेंशियल सहित 6 बैंकिंग दिग्गजों को समीक्षा के लिए भी रखा है। इस साल की शुरुआत में सिलिकॉन वैली बैंक व सिग्नेचर बैंक के पतन ने अमेरिकी बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास का संकट पैदा कर दिया।