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Business news: 12 सरकारी बैंकों को दोगुने से अधिक लाभ, एसबीआई को ऐतिहासिक मुनाफा, पढ़ें अन्य खास खबरें

Mon, 07 Aug 2023 05:06 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है। 12 सरकारी बैंकों का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून अवधि में कुल मुनाफा 34,774 करोड़ रुपये रहा है। यह एक साल पहले की समान तिमाही के 15,306 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुना से ज्यादा है।
 
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भारतीय स्टेट बैंक - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है। 12 सरकारी बैंकों का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून अवधि में कुल मुनाफा 34,774 करोड़ रुपये रहा है। यह एक साल पहले की समान तिमाही के 15,306 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुना से ज्यादा है।

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आंकड़ों के मुताबिक, चार बैंकों ने 100 फीसदी से अधिक लाभ कमाया है। शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़ने से इन बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। ज्यादातर बैंकों का मार्जिन 3 फीसदी से अधिक रहा है। इनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मार्जिन सर्वाधिक 3.86 फीसदी रहा। सेंट्रल बैंक का मारि्जन 3.62 फीसदी और इंडियन बैंक का 3.61 फीसदी रहा है। 

एसबीआई को ऐतिहासिक मुनाफा
पंजाब नेशनल बैंक ने सबसे अधिक चार गुना मुनाफा कमाया, जो 1,255 करोड़ रहा। एसबीआई का लाभ अभी तक किसी भी तिमाही में सबसे अधिक रहा। बैंक ने 178 फीसदी वृद्धि के साथ 16,884 करोड़ का मुनाफा कमाया। यह सरकारी बैंकों के कुल लाभ का करीब 50 फीसदी है।
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पांच बैंकों का लाभ 50-100% के बीच रहा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र शीर्ष पर रहा। इसका शुद्ध लाभ 95 फीसदी बढ़कर 882 करोड़ रुपये हो गया। 

अप्रैल-जून तिमाही में बैंकों ने 34,774 करोड़ का फायदा कमाया है। सिर्फ पंजाब एंड सिंध बैंक का लाभ घटा है। यह 25% गिरकर 153 करोड़ रुपये रहा।

अप्रैल-जून में एमएसएमई को बैंक कर्ज बढ़ोतरी में गिरावट
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून अवधि में बैंक कर्ज वृद्धि में सालाना आधार पर गिरावट आई है। 
आरबीआई के अनुसार, जून में मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले कर्ज में 13.2 फीसदी (पिछले साल 47.8%) और सूक्ष्म व लघु उद्योगों को दिए गए कर्ज में 13 फीसदी की वृद्धि हुई। जून अंत में मध्यम उद्योगों का सकल बैंक कर्ज 2,63,440 करोड़ था। एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा, जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण बैंक छोटी इकाइयों को कर्ज देने से बचना चाहते हैं, जिससे उन्हें ऋण देने की वृद्धि दर में गिरावट आई है।

रिलायंस ने 2.62 लाख नौकरियां दीं
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2022-23 में 2.62 लाख लोगों को नौकरियां दी हैं। इसमें से 1.8 लाख लोग रिटेल कंपनी व 70,500 जियो में शामिल हुए। सालाना रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 3.89 लाख कर्मचारी हैं। 2021-22 में सभी सेगमेंट में 2.32 लाख भर्तियां की गई थीं। 2020-21 में 75,000 लोगों की भर्ती हुई थी।

 समूह चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, वित्त वर्ष 2023 में रिलायंस का 9.76 लाख करोड़ का राजस्व था, जो एक साल पहले से 23.2% बढ़ा था।। अंबानी ने तीन साल से वेतन नहीं लिया है। उनकी अपील पर बोर्ड ने 18 अप्रैल, 2029 तक वेतन या लाभ में कमीशन नहीं देने का फैसला लिया है।

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