वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंदी के बीच देश की विकास दर के अनुमान को घटा दिया है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2019 और 2020 के लिए जीडीपी अनुमान में भारी कटौती की है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी को 6.80 फीसदी से घटाकर के 6.20 फीसदी कर दिया है।
ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्यवस्था में साल 2018 में भारत के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ दर्ज की गई है। इसके चलते ब्रिटेन और फ्रांस ने एक-एक पायदान की छलांग लगाई है। इसलिए भारत पांचवें स्थान से खिसक कर सातवें पायदान पर आया है। भारत के सातवें स्थान पर पिछड़ने के पीछे डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना सबसे बड़ी वजह है।
सूची में पहले स्थान पर अमेरिका है। दूसरे स्थान पर चीन की अर्थव्यवस्था है। जापान इस सूची में तीसरे स्थान पर है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने अगले पांच सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था को 50 खरब तक पहुंचाने की बात कही था। ऐसे में विश्व बैंक का ये ताजा आंकड़ा सरकार को परेशान कर सकता है।
कारोबारी साल 2018 में अमेरिका की जीडीपी 205 खरब रही। चीन की जीडीपी 136 खरब रही। जापान की जीडीपी 50 खरब, ब्रिटेन और फ्रांस की जीडीपी 28 खरब और भारत की जीडीपी 27 खरब दर्ज की गई।